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अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस पर 12वीं की छात्रा बनी 15 मिनट के लिए जांजगीर–चांपा की SP, सायबर सुरक्षा, महिला एवं बाल संरक्षण पर पुलिस अधिकारियों से ली जानकारी, स्कूल परिसर से 200 मीटर दूर पान ठेला हटाने सहित दो आदेश भी किए जारी…
- अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस पर 12वीं की छात्रा बनी 15 मिनट के लिए जांजगीर–चांपा की एसपी
- सायबर सुरक्षा, महिला एवं बाल संरक्षण पर पुलिस अधिकारियों से ली जानकारी
- स्कूल परिसर से 200 मीटर दूर पान ठेला हटाने सहित दो आदेश भी किए जारी
अंतर्राष्ट्रीय बाल दिवस के अवसर परजिले में यूनिसेफ और पुलिस प्रशासन के तत्वाधान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय 12 वी छात्रा संतोषी धीवर को 15 मिनट के लिए जांजगीर चांपा जिले का पुलिस अधीक्षक बनाया गया, जहां एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने बुके भेटकर स्वागत किया, इस बीच SDOP और CSP से सायबर सुरक्षा महिला व बच्चों की सुरक्षा को लेकर जानकारी ली, साथ ही पान ठेला और गुमटी को स्कूल और कॉलेज परिसर से 200 मीटर दूर संचालित करने के निर्देश, मोटर साइकिल की नीलामी के प्रकरण को भी वरिष्ठ कार्यालय को अग्रेषित किया गया.
बता दे कि अंतरास्ट्रीय बाल दिवस आज 20 नवंबर को मनाया गया इस उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना है, इस दौरान 12 वी छात्रा संतोषी धीवर को जांजगीर चांपा जिले के पुलिस अधीक्षक बनाया गया है, जिसमें संतोषी धीवर ने सीएसपी योगिताबाली खापर्डे और DSP कविता ठाकुर से सायबर सुरक्षा महिला व बच्चों की सुरक्षा सहित पुलिस विभाग के कार्यों को जानकारी ली,
इस बीच 15 मिनट की पुलिस अधीक्षक संतोषी धीवर ने CSP से सवाल की गई जिसमें सायबर ठगी से लोगो को कैसे जागरूक किया जा रहा है, तब CSP ने पूरे विस्तार से जानकारी प्रदान कर कहा कि हम लोगों के बीच जाकर, शिविर,सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से जागरूक कर रहे है, ऑनलाइन से किसी प्रकार की OTP शेयर ना करे और ठगी के शिकार होते है तो जारी हेल्प नंबर पर फोन कर सूचित करे, वही 15 मिनट पुलिस अधीक्षक संतोषी धीवर ने कार्य की प्रसन्नता जाहिर की.
वही डीएसपी कविता ठाकुर से जानकारी ली कि छेड़खानी संबंधित अपराधों में किस तरह से कार्यवाही हो रही है जिसपर जवाब देते हुए बताया कि आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज होने के बाद 60 दिनों के भीतर चलान पेश किया जा रहा है सेंसेटिव मामले में चलान पेश करने में देरी नहीं कर सकते, वही बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूलों में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, दोनों पुलिस अधिकारियों के जवाब पर अच्छे काम करने की तारीफ कर शुभकामनाएं दी.
जिसके बाद पुलिस अधिकारियों को निर्देश किया कि स्कूल सहित शिक्षा वाले जगहों में लगे पान ठेला की दुकानों की दूरी 100 मीटर से हटाकर 200 मीटर दूर करने के निर्देश जारी किया, वही पुलिस लाइन की कार्यशैली का अवलोकन करते हुए मोटर साइकिल वाहनों की नीलामी के प्रकरण को भी वरिष्ठ कार्यालय हेतु अग्रेषित किया गया.
बता दे कि पुलिस अधीक्षक बनी छात्रा संतोषी धीवर बनारी गांव की रहने वाली है और शासकीय माध्यमिक विद्यालय में 12 वी की छात्रा है अभी जीव विज्ञान की विषय को लेकर पढ़ाई कर रही है, उनके माता पिता रोजी मजदूरी का काम करते है, और 15 मिनट की पुलिस अधीक्षक बनने का अनुभव बताया कि आगे चलकर मैं IAS और IPS की तैयारी कर माता पिता के साथ अपने गांव का नाम रोशन करूंगी साथ ही समाज और देश की सेवा करने का सौभाग्य मिलेगा, आज जो मुझे पद मिला था उसके लिए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय का धन्यवाद दी, उनके कार्यों की प्रशंसा की वे आदिवासी गौड़ समाज को अवैध शराब बनाने से हटकर मुख्यधारा से जोड़ कर समाज में गर्व से जीने के लिए प्रेरित कर कई प्रकार के कामों की जानकारी दे रहे ताकि अच्छे से जीवन यापन कर सके.



