
मेडिकल कॉलेज निर्माण में मजदूरी घोटाले का आरोप, शासन दर से कम भुगतान, किसानों की जमीन और रोजगार का भी मुद्दा उठा…
- मेडिकल कॉलेज निर्माण में मजदूरी घोटाले का आरोप,
- शासन दर से कम भुगतान, किसानों की जमीन और रोजगार का भी मुद्दा उठा…
जांजगीर चांपा – जिले के ग्राम कुटरा स्थित निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में कार्यरत मजदूरों, महिला श्रमिकों एवं राजमिस्त्रियों को शासन द्वारा निर्धारित मजदूरी दर से कम भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक मोतीलाल देवांगन ने कलेक्टर जांजगीर–चांपा को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
मोतीलाल देवांगन ने पत्र में उल्लेख किया है कि मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्य में लगे महिला श्रमिकों एवं मजदूरों को जहां प्रतिदिन मात्र 240 रुपये मजदूरी दी जा रही है, वहीं राजमिस्त्रियों को 440 रुपये का भुगतान किया जा रहा है, जबकि शासन द्वारा निर्धारित दर क्रमशः 425 रुपये एवं 640 रुपये है। उन्होंने इसे श्रम कानूनों का सीधा उल्लंघन बताया।
पूर्व विधायक ने यह भी बताया कि मेडिकल कॉलेज परिसर से सटे ग्राम कुटरा के अनेक किसानों की कृषि भूमि प्रभावित हो रही है। निर्माण कार्य के चलते किसानों को अपने खेतों तक जाने से रोका जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने किसानों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग एवं सड़क निर्माण की मांग की है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिन किसानों की भूमि को खाली कराकर निर्माण कार्य किया जा रहा है और जिनकी कृषि ही जीवन-यापन का एकमात्र साधन थी, उनके परिवार के योग्य सदस्यों को मेडिकल कॉलेज में रोजगार दिया जाना चाहिए।
मोतीलाल देवांगन ने बताया कि 18 जनवरी 2026 को उन्होंने स्वयं निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज पहुंचकर महिला मजदूरों एवं अन्य श्रमिकों से मजदूरी संबंधी जानकारी ली। इसके बाद कलेक्टर से मांग की गई है कि सभी मजदूरों और मिस्त्रियों को शासन द्वारा निर्धारित मजदूरी दर का भुगतान सुनिश्चित कराया जाए।
मामले की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजी गई है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है।



