
धान घोटाले पर प्रशासन का सख्त प्रहार, मध्यरात्रि जांच में वजन पूरा करने मिट्टी-कंकड़ मिलाने का खुलासा, 8000 बोरी की कमी पर बड़ी कार्रवाई…
सक्त्ती- धान खरीदी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मुहिम में जिला प्रशासन ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। डभरा ब्लॉक के पुटीडीह धान खरीदी केंद्र में आधी रात को जो मंजर देखने को मिला, उसने भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है। जहाँ किसानों के पसीने की कमाई में मिट्टी और कंकड़ मिलाकर वजन पूरा करने का खेल चल रहा था, वहीं प्रशासन की मुस्तैदी ने इस कारनामे का भंडाफोड़ कर दिया है।
तस्वीरें सक्त्ती जिले के डभरा ब्लॉक के पुटीडीह धान खरीदी केंद्र की हैं, जहाँ मध्य रात्रि में जिला स्तरीय जांच टीम ने औचक निरीक्षण किया। जब दुनिया सो रही थी, तब यहाँ खरीदी प्रभारी प्रकाश महंत के इशारे पर हमालों के माध्यम से धान की बोरियों में 5 से 10 किलो मिट्टी और कंकड़ भरकर वजन पूरा करने का ‘काला खेल’ चल रहा था,
जहाँ मौके पर जिला पंचायत सीईओ वासु जैन, एसडीएम विनय कश्यप और तहसीलदार मनमोहन ठाकुर ने टीम के साथ जब दबिश दी, तो वहां हड़कंप मच गया। जांच में पता चला कि ऑनलाइन रिकॉर्ड के मुकाबले केंद्र में 8000 बोरी धान कम पाया गया। इसी भारी कमी को छिपाने के लिए प्रभारी द्वारा धान में कंकड़ मिट्टी मिलाई जा रही थी ताकि स्टॉक का वजन बराबर दिखाया जा सके। प्रशासन ने तत्काल कार्यवाही करते हुए पटवारी के माध्यम से पंचनामा तैयार किया और धान की जप्ती बनाई गई,
हमें सूचना मिली थी कि स्टॉक में अनियमितता है। रात्रि गश्त के दौरान जब पुटीडीह केंद्र का निरीक्षण किया गया, तो पाया गया कि भौतिक सत्यापन में 8000 बोरियों की कमी है। इस कमी को पूरा करने के लिए बोरियों में मिट्टी और कंकड़ मिलाए जा रहे थे। हमने पंचनामा कर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि धान खरीदी में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रत्येक केंद्र पर तीन नोडल अधिकारियों की तैनाती के बावजूद इस तरह का साहस करना तंत्र पर सवाल भी खड़ा करता है। फिलहाल, पुटीडीह केंद्र के प्रभारी पर कार्रवाई की गाज गिरनी तय मानी जा रही है



