Advertisment
Screenshot_20260201_080007
Advertisment
State & Local NewsChhattisgarhJanjgir–Champa

चांपा अस्पताल में जीवनदीप समिति की भर्ती पर उठे सवाल, नि:शुल्क जांच से आय का स्रोत बंद, फिर भी डेंटल असिस्टेंट सहित कर्मचारियों को समिति निधि से वेतन देने की तैयारी पर सवाल…

  • चांपा अस्पताल में डेंटल असिस्टेंट सहित अन्य स्टाफ की भर्ती पर सवाल, आय के स्रोत बंद होने के बाद भी समिति की राशि से वेतन देने की तैयारी
  • जीवनदीप समिति की नियुक्तियों पर उठे सवाल, शासन के नि:शुल्क जांच आदेश के बाद भी जारी है वेतन भुगतान

जांजगीर चांपा:- बिसाहूदास महंत स्मृति शासकीय चिकित्सालय चांपा में जीवनदीप समिति के माध्यम से की गई विभिन्न पदों पर नियुक्तियां अब सवालों के घेरे में आ गई हैं। आरोप है कि समिति के अंतर्गत डेंटल असिस्टेंट सहित अन्य कर्मचारियों की भर्ती नियमों को दरकिनार कर की गई, जिन्हें प्रतिमाह बड़ी राशि वेतन के रूप में भुगतान किया जा रहा है। वहीं शासन द्वारा अस्पतालों में मरीजों को नि:शुल्क जांच सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश के बाद जीवनदीप समिति की आय प्रभावित होने से इन नियुक्तियों के औचित्य पर भी प्रश्न उठने लगे हैं।

छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार शासकीय अस्पतालों में मरीजों को आवश्यक जांच सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू की गई है। शासन की मंशा है कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को उपचार और जांच के लिए अतिरिक्त शुल्क का भार न उठाना पड़े।

पूर्व में कई शासकीय अस्पतालों में पैथोलॉजी जांच, एक्स-रे, सोनोग्राफी सहित अन्य सेवाओं से प्राप्त शुल्क की राशि जीवनदीप समिति के खाते में जमा होती थी। इसी राशि से अस्पताल प्रबंधन द्वारा स्थानीय आवश्यकताओं, संसाधनों की व्यवस्था और समिति के माध्यम से रखे गए कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान किया जाता था।

 

आय बंद, फिर भी वेतन भुगतान पर उठे सवाल: अब शासन के निर्देश के बाद मरीजों से जांच शुल्क नहीं लिया जा रहा है, जिससे जीवनदीप समिति की नियमित आय का प्रमुख स्रोत प्रभावित हुआ है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब समिति के पास पर्याप्त आय उपलब्ध नहीं है तो कर्मचारियों के वेतन का भुगतान किस मद से किया जा रहा है।

जानकारों का कहना है कि जीवनदीप समिति की राशि का उपयोग अस्पताल की मूलभूत आवश्यकताओं, मरीजों की सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जाना चाहिए। यदि समिति की आय सीमित हो चुकी है तो स्थायी रूप से कर्मचारियों के वेतन भुगतान की व्यवस्था वित्तीय और प्रशासनिक दृष्टि से जांच का विषय बन सकती है।

डेंटल असिस्टेंट सहित अन्य नियुक्तियों की उपयोगिता पर सवाल:  अस्पताल सूत्रों के अनुसार जीवनदीप समिति के अंतर्गत डेंटल असिस्टेंट सहित कुछ अन्य पदों पर कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। लेकिन इन पदों की आवश्यकता, कार्य निष्पादन और अस्पताल में उनकी वास्तविक उपयोगिता को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कुछ नियुक्तियां आवश्यकता के बजाय अन्य कारणों से की गईं।

हालांकि इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन या संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

 

जिले के अन्य अस्पतालों में भी यही स्थिति: बताया जा रहा है कि चांपा के बिसाहूदास महंत स्मृति शासकीय चिकित्सालय के अलावा जिला अस्पताल जांजगीर सहित जिले के अन्य शासकीय अस्पतालों में भी जीवनदीप समिति के माध्यम से विभिन्न पदों पर कर्मचारियों को रखा गया है। इन नियुक्तियों की प्रक्रिया, स्वीकृति, वित्तीय स्रोत और कार्य उपयोगिता की समीक्षा किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

 

नियमों की समीक्षा और जवाबदेही की मांग: स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार जीवनदीप समिति का उद्देश्य अस्पतालों में मरीज सुविधाओं का विस्तार करना है, न कि अनावश्यक वित्तीय भार बढ़ाना। ऐसे में जानकारों का कहना है कि शासन के नि:शुल्क जांच संबंधी आदेश के बाद सभी शासकीय अस्पतालों में जीवनदीप समिति के माध्यम से की गई नियुक्तियों की समीक्षा होनी चाहिए।

अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या जीवनदीप समिति के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों की नियुक्ति एवं भुगतान व्यवस्था की जांच कराई जाती है।

Lakheshwar Yadav

Office Add. - Link Road, Angel Sports Complex Janjgir, 495668 Mob.9755932150

Related Articles

Back to top button