Advertisment
Screenshot_20260201_080007
Advertisment
Breaking NewsChhattisgarhGovernmentJanjgir–ChampaState & Local News

सरकारी संसाधनों पर “चार्जिंग हब” का खेल? डीपीओ अनीता अग्रवाल पर निजी गाड़ी चार्जिंग से लेकर सरकारी वाहन के दुरुपयोग तक गंभीर आरोप, वीडियो सामने आने से मचा हड़कंप…

  • सरकारी संसाधनों पर “चार्जिंग हब” का खेल?
  • डीपीओ अनीता अग्रवाल पर निजी गाड़ी चार्जिंग से लेकर सरकारी वाहन के दुरुपयोग तक गंभीर आरोप, वीडियो सामने आने से मचा हड़कंप…

जांजगीर-चांपा:- जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग में पदस्थ विभाग प्रमुख अनीता अग्रवाल एक के बाद एक गंभीर आरोपों में घिरती नजर आ रही हैं। सरकारी कार्यालय की बिजली से निजी वाहन चार्ज करने, सरकारी वाहन और ईंधन का निजी उपयोग करने तथा पत्रकारों को धमकाने जैसे आरोपों ने पूरे प्रशासनिक अमले में हलचल मचा दी है। मामला तब और गरमा गया जब मीडिया के पास कथित वीडियो सामने आने की बात कही गई, जिसमें कार्यालय परिसर में निजी गाड़ी चार्ज होते और बिलासपुर स्थित निजी आवास पर सरकारी वाहन खड़ा दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, डीपीओ द्वारा लंबे समय से बिलासपुर से रोजाना अप-डाउन किया जा रहा है। आरोप है कि इसके लिए सरकारी वाहन और सरकारी ईंधन का उपयोग किया जा रहा था। सवाल यह उठ रहा है कि जब अधिकारी मुख्यालय में निवास नहीं कर रही थीं तो सरकारी वाहन को निजी आवास में रखने की अनुमति किस आधार पर दी गई।

इधर सरकारी कार्यालय परिसर में निजी इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज किए जाने को लेकर भी विभाग सवालों के घेरे में है। सूत्रों के अनुसार, मीडिया कर्मियों ने जब कार्यालय में निजी वाहन चार्जिंग का वीडियो बनाया तो डीपीओ ने पत्रकारों को चेंबर में बुलाकर नाम और मोबाइल नंबर नोट किए तथा नाराजगी जाहिर की। आरोप है कि बातचीत के दौरान “देख लूंगी” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए धमकी भरे लहजे में बात की गई।

मीडिया के सवालों पर डीपीओ ने कथित रूप से यह स्वीकार किया कि कार्यालय परिसर में वाहन चार्जिंग “कलेक्टर की मौखिक अनुमति” से की जा रही थी। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई लिखित आदेश सार्वजनिक नहीं हुआ है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकारी बिजली और कार्यालय परिसर का उपयोग निजी सुविधा केंद्र की तरह किया जा सकता है।

बताया जा रहा है कि विभाग का बिजली बिल भी बकाया है। इसके बावजूद कार्यालय की बिजली से निजी वाहन चार्जिंग किए जाने के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि यदि सरकारी संसाधनों का निजी उपयोग साबित होता है तो यह वित्तीय अनियमितता और सेवा नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आ सकता है।

मामले को लेकर अब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि विभाग प्रमुख ही सरकारी संसाधनों के उपयोग को लेकर सवालों में हैं तो फिर अधीनस्थ कर्मचारियों पर अनुशासन कैसे लागू होगा। पूरे घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन की भूमिका पर भी नजरें टिक गई हैं कि मामले में जांच और कार्रवाई होती है या नहीं।

Lakheshwar Yadav

Office Add. - Link Road, Angel Sports Complex Janjgir, 495668 Mob.9755932150

Related Articles

Back to top button