
जांजगीर डकैती मामले पर विधायक व्यास कश्यप ने कहा “निर्दोष को न फसाएं, दोषी को बख्शा न जाए” वही उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल कहा “सच सामने लाने न्यायिक जांच हो” पढ़िए विधायक का पूरा इंटरव्यू…
- जांजगीर डकैती मामले पर विधायक व्यास कश्यप ने कहा “निर्दोष को न फसाएं, दोषी को बख्शा न जाए”
- वही उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल कहा “सच सामने लाने न्यायिक जांच हो” पढ़िए विधायक का पूरा इंटरव्यू…
जांजगीर में डकैती के मामले NSUI के नगर अध्यक्ष की गिरफ्तारी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, अब इस मामले में जांजगीर चांपा विधायक व्यास कश्यप NSUI नेता के बचाव में सामने आ गए हैं, विधायक ने गलत तरीके से NSUI के नगर अध्यक्ष जितेंद्र दिनकर को फंसाने का आरोप लगाया है, विधायक का कहना है कि जितेंद्र दिनकर डकैती करने नहीं गया था, उसका अपराध केवल इतना है कि दो साल पहले उसने एक पिस्टल बेची थी, जो आरोपियों के पास से मिली, विधायक इस पूरे मामले में सिटी कोतवाली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़ा कर रहे हैं, साथ ही विधायक ने दूध का दूध और पानी का पानी करने मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है, साथ ही विधायक व्यास कश्यप ने क्या कहा की..
जितेन्द्र दिनकर गिरफ्तारी विधायक के घर से अफवाह… विधायक ने कहा कि जितेंद्र दिनकर की गिरफ्तारी उनके निवास से नहीं हुई है, बल्कि घटना को लेकर भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं, उन्होंने बताया कि लगातार डकैती में कॉलेज के छात्र जितेंद्र दिनकर का नाम शामिल किया जा रहा है, भाजपा के प्रवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि जितेंद्र दिनकर पिस्तौल सहित विधायक के घर से पकड़ा गया, जबकि ऐसी कोई घटना नहीं हुई, विधायक ने स्पष्ट किया कि जितेंद्र दिनकर उनके घर आया था, और तभी सागर पाठक नामक पुलिस अधिकारी संभवतः किसी सुराग के आधार पर वहां पहुंचे थे, वे उनके घर के अंदर नहीं आए, बल्कि जितेंद्र को घर के बाहर बुलाकर अपने साथ ले गए, विधायक ने कहा कि जब वे तैयार होकर अपने निवास से बाहर निकले, तो उनके गनमैन ने बताया कि पुलिस वाले जितेंद्र को पकड़कर ले गए हैं, इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और सीधे थाना जांजगीर पहुंचे, थाने पहुंचने पर विधायक ने नाराजगी जताई कि उनके घर आने वाले व्यक्ति को कैसे गिरफ्तार किया गया, इस पर सागर पाठक ने बताया कि जितेंद्र पर पिस्तौल लेने-बेचने का आरोप है, विधायक ने कहा कि जब कोई सच में आरोपी है तो किसी को बचाने की कोशिश नहीं की जाएगी लेकिन मामले की सच्चाई जांच से ही स्पष्ट होगी.
विधायक ने आगे कहा कि मुख्य आरोपी और डकैती में पकड़े गए लोगों को लेकर उन्हें जानकारी मिली, लेकिन इस मामले में अनावश्यक रूप से जितेंद्र दिनकर को भी शामिल कर लिया गया, पुलिस प्रशासन के अनुसार, पेट्रोलिंग के दौरान तीन नकाबपोश लड़कों को संदिग्ध स्थिति में देखकर पकड़ा गया था, परंतु बाद में इस घटना को डकैती के रूप में प्रस्तुत किया गया.
जितेंद के पिता ने विधायक को ज्ञापन सौंपकर न्यायिक जांच की मांग की… विधायक ने बताया कि जितेंद्र के पिता बद्री प्रसाद दिनकर उनसे मिले और उन्होंने न्यायिक जांच की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा, पिता का कहना है कि उनका बेटा घर पर था और पुलिस ने 2 साल पुराने हथियार बिक्री के मामले को इस घटना से जोड़ दिया है, इसलिए उन्होंने आग्रह किया कि घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके.

पुलिस ने वाहवाही के लिए बनाई डकैती की कहानी…विधायक ने बताया कि पुलिस ने यह दावा किया कि पिस्तौल फेंकी हुई हालत में मिली थी, जबकि उन्होंने खुद थाने में जाकर जानकारी ली तो पता चला कि पिस्तौल की तस्वीरें मोबाइल फोन में थीं, जिन्हें बाद में जब्ती के रूप में दिखाया गया, और पुलिस प्रशासन ने वाहवाही लेने के लिए लूट के मामला को डकैती का रूप दिया.
विधायक ने यह भी कहा कि अगर अपराध हुआ है तो दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन निर्दोष लोगों को फंसाना भी उचित नहीं है, जितेंद्र दिनकर एक शिक्षित छात्र हैं, उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, उनके द्वारा स्वयं जेल जाकर भी जांच की, जहां यह बात सामने आई कि जितेंद्र को मारपीट कर जबरन बयान लिखवाया गया।
विधायक ने गृह मंत्री से न्यायिक जांच की मांग की… विधायक कश्यप ने पुलिस प्रशासन और राज्य के गृह मंत्री से न्यायिक जांच की मांग की है, उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने सच में सराहनीय कार्य किया है, तो उन्हें सम्मानित किया जाए, और अगर उन्होंने किसी निर्दोष को फंसाया है, तो उन पर कार्रवाई होनी चाहिए, उन्होंने दोहराया कि वे केवल सच्चाई सामने आने की मांग कर रहे हैं ताकि जो सही है उन्हें न्याय मिल सके.



