
एकता के मंच पर ‘अनेकता’ का तमाशा: सरदार पटेल जयंती कार्यक्रम में मंच पर भिड़े BJP के दो बड़े नेता, वीडियो हुआ वायरल…
- एकता के मंच पर ‘अनेकता’ का तमाशा: सरदार पटेल जयंती कार्यक्रम में मंच पर भिड़े BJP के दो बड़े नेता, वीडियो हुआ वायरल..
जांजगीर-चांपा :- लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर निकली सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एकता रैली उस वक्त सुर्खियों में आ गई, जब मंच पर ही दो दिग्गज नेताओं के बीच तीखी झड़प हो गई, रैली का उद्देश्य था एकता का संदेश देना, लेकिन मंच से जो तस्वीरें सामने आईं, उन्होंने अनेकता का उदाहरण पेश कर दिया।
मिली जानकारी के मुताबिक, रैली के दौरान मंच पर चढ़ते वक्त अफरा-तफरी के बीच किसी ने पूर्व सांसद कमला देवी पाटले को धक्का दे दिया, उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो सामने पूर्व जिलाध्यक्ष गुलाब सिंह चंदेल दिखाई दिए और बस, यहीं से विवाद की शुरुआत हो गई.
नेता बने मूकदर्शक, कार्यकर्ता बने ‘शांतिदूत’:मंच पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने दोनों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन मामला बढ़ता चला गया, कहा जा रहा है कि कमला देवी पाटले गुस्से में थीं और चंदेल अपनी सफाई देने की कोशिश कर रहे थे, पर माहौल इस कदर गर्मा गया कि दोनों के बीच कई मिनटों तक तीखी बहसबाजी होती रही. इस दौरान मंच पर बैठे अन्य अतिथि मूकदर्शक बने रहे, कार्यकर्ताओं ने हाथ जोड़कर दोनों नेताओं से शांत रहने की अपील की, मगर किसी ने किसी की नहीं सुनी। धीरे-धीरे स्थिति तनावपूर्ण होती चली गई.
दरअसल, सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर भाजपा पूरे देश में यूनिटी मार्च आयोजित कर रही है। जांजगीर-चांपा जिले में यह रैली सांसद कमलेश जांगड़े के मुख्य आतिथ्य में निकाली गई थी। नगर पंचायत राहौद से लेकर शिवरीनारायण तक एकता पदयात्रा आयोजित की गई, जिसमें राहौद बुंदेला चौक से धरदेई, लोहर्सी, खरौद होते हुए शिवरीनारायण अटल परिसर तक विशाल रैली निकाली गई थी।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर हुई इस झड़प ने पूरे आयोजन के मकसद पर सवाल खड़े कर दिए। एकता के मंच पर विभाजन की तस्वीरें पार्टी के लिए शर्मिंदगी का कारण बन गईं।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही BJP की एकता रैली “अनेकता रैली” के नाम से ट्रेंड करने लगा। लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं — कोई इसे “असली चेहरा उजागर होने” की बात कह रहा है, तो कोई इसे “नेताओं के अहम का टकराव” बता रहा है।
कार्यक्रम का उद्देश्य भले एकता का संदेश देना था, लेकिन मंच पर हुई झड़प ने पार्टी की अनुशासन और संगठनात्मक एकता दोनों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।



