
चांपा शहर में इस बार नवरात्रि पर्व पर राजमहल थीम पर सजेगा मां का दरबार, शतचंडी महायज्ञ और सांस्कृतिक आयोजन और झांकी होगी आकर्षण का केंद्र…
जांजगीर चांपा जिले नवरात्रि की तैयारी शुरू हो चुकी है, वही जिले के चांपा शहर में अग्रवाल सेवा समिति प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी सिवनी चौक कोरबा रोड में मां का भव्य दरबार बन रहा है, समिति द्वारा बताया गया कि इस बार राजस्थान के राजमहल थीम पर आधारित दिव्य पंडाल बन रहा है, इस पंडाल की ऊंचाई 75 फीट और चौड़ाई 140 फीट होगी.जिसमें माता रानी को राजरानी स्वरूप में विराजित किया जाएगा, साथ ही हनुमान जी, भैरव बाबा, मां लक्ष्मी जी, गणेश जी , और कार्तिकेय जी विराजित होंगे, वही झांकी के रूप में राधा कृष्ण जी की दिव्य रूप में दिखाई देंगे, वही नवरात्रि पर्व पर श्री शतचंडी महायज्ञ व भव्य दुर्गोत्सव का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ करेगी।
पश्चिम बंगाल से आए कारीगरों द्वारा तैयार किया जा रहा यह पंडाल भव्यता व दिव्यता का अद्भुत संगम होगा, ऊंचे गुंबद, राजसी दरवाजे, झूमर, रंगीन लाइटिंग और झांकियां देखने वालों के लिए आकर्षण का केंद्र होंगे। माता की प्रतिमा भटगांव के प्रसिद्ध मूर्तिकारों द्वारा तैयार की जा रही है, जो न केवल आस्था, बल्कि कला का अनुपम उदाहरण भी होगी। कार्यक्रम की शुरुआत मथुरा पुरी से पधारे विद्वान ब्राह्मणों के सान्निध्य में श्री शतचंडी महायज्ञ से होगी। यह महायज्ञ नगर में सुख-शांति और समृद्धि की कामना के लिए आयोजित किया जा रहा है।
नवरात्र के 9 दिन होंगे विशेष आयोजन..
नवरात्रि के नौ दिन संगीतमय आरती, कन्या पूजन और भोग-प्रसाद की व्यवस्था रहेगी, भजन मंडलियां माता के भजनों की प्रस्तुति देंगी, रात्रि समय गरबा, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी, जिनमें नगर के उभरते कलाकार भाग लेंगे। समिति का उद्देश्य धर्म के साथ संस्कृति को भी बढ़ावा देना है, श्रद्धालुओं की सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था भीड़ को देखते हुए समिति ने इस बार विशेष व्यवस्थाएं की हैं। पंडाल परिसर में पार्किंग, पेयजल, विश्राम स्थल और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की है। स्वयंसेवकों व नगर पुलिस के सहयोग से सुरक्षा सुनिश्चित की है।
झांकियां व भजन के साथ होगी भव्य विसर्जन यात्रा…
श्रद्धालु शतचंडी महायज्ञ में भाग लेकर पूजा में शामिल हो सकते हैं और आयोजन मैं स्वेच्छा से सहयोग कर सकते हैं।नवरात्रि समापन पर भव्य विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें झांकियां, भजन मंडलियां और आतिशबाजी विशेष आकर्षण होंगे। यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनेगा।



