Advertisment
Screenshot_20260201_080007
Advertisment
PoliticsChhattisgarhJanjgir–ChampaRaipurState & Local News

‘वंदे मातरम्’ सबका है, राजनीति का विषय नहीं- ब्यास कश्यप, विधानसभा में केदार कश्यप और सुशांत शुक्ला से हुई तीखी नोकझोंक…

जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में जिले की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रश्न पूछे। उन्होंने विधानसभा में कुल 12 प्रश्नोत्तरी, 06 ध्यानाकर्षण, 01 शून्यकाल प्रश्न तथा जांजगीर-चांपा विधानसभा के ग्राम बोड़सरा में नवीन महाविद्यालय प्रारंभ करने एवं चांपा में नवीन कन्या महाविद्यालय प्रारंभ करने के लिए 02 याचिका लगाई थी। सदन के अंतिम दिवस में राष्ट्रगीत ’’वंदे मातरम्’’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में चर्चा कराई गई। ’’वंदे मातरम्’’ पर सदन को संबोधित करते हुए ब्यास कश्यप ने कहा कि मुझे गर्व है कि आज वंदे मातरम् की 150वीं जयंती के नाम से हम याद कर रहे हैं। भारत की आजादी की लड़ाई में जो गर्व से वंदे मातरम् के गीत और नारा लगाकर देश के प्रति शहीद हो गये, उस वंदे मातरम् को याद करने के लिए हम सब यहां उपस्थित हैं। दुर्भाग्य इस बात का है कि जिस उद्देश्य से इस विषय को विधान सभा में लाया गया है, हमारे साथियों द्वारा दूसरे के ऊपर आरोप लगाया जा रहा है, वह उचित भी नही है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष महोदय, मैं बचपन से संघ का स्वयंसेवक रहा हूं और वंदे मातरम् के विषय में क्या बोली जाती थी, उस बात को मैं आने वाले समय में बताऊंगा। अजय चंद्राकर जी, हमारे दोनों उपमुख्यमंत्री, अरूण साव जी और आदरणीय विजय शर्मा जी ने बहुत कुछ कहा है तो जवाब सुनने के लिए थोड़ा सा तैयार रहें। हम सब को पता है कि जिस समय वंदे मातरम् लिखा गया, किसकी राजनीतिक दल की क्या हैसियत थी, वह बाद का विषय है। 07 नवंबर 1875 में जब बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, जिनकों हम चटर्जी भी बोल लेते हैं, उनके द्वारा यह रचित गीत जिसमेें प्रथम दो पद संस्कृत में हैं, संस्कृत हमारे पुराने समय की बोलचाल की भाषा रही है, वे बंगाल से आते थे, इसलिए बंग्ला का भी समायोजन हुआ। आदरणीय रविन्द्रनाथ टैगोर जी जिन्होंने संगीतबद्ध किया और गाया भी। सार्वजनिक मंच पर प्रथम बार 27 दिसंबर, 1896 को 27 से 30 दिसंबर तक कांग्रेस का अधिवेशन जो कलकत्ता में हुआ था, उस पर यह गाया गया। वंदे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्ति और प्रेरणा का प्रतीक बना था। 1896 में टैगोर जी ने पहली बार गाया, 1950 में यह भारत का राष्ट्रीय गीत घोषित हुआ। आप सब लोगों ने भी इसको कहा है। वंदे मातरम् के इस गीत पर भारत के लगभग सभी दल के लोग नतमस्तक होते हैं, मैं आरोप नही लगा रहा हूं। वर्तमान समय में जिस ढंग से वंदे मातरम् के विषय में आरोप-प्रत्यारोप लगाया जा रहा है, यह न्यायोचित नही है। मैने कहा कि संघ के शाखाओं में क्या बात होती थी, मैं भारतीय जनता पार्टी में था तो जानता हूं वहां भी वंदे मातरम् गाया जाता था। अब कांग्रेस में हूं तो जानता हूं कि कांग्रेस के प्रदेश के अधिवेशन हो, चाहे जिले की बैठकें हो, वंदे मातरम् से शुरूआत होती है। उक्त बातों को सुनकर सभी विधायक दल के लोग मेज थपथपाने लगते हैं। कांग्रेस में शुरू से ही वंदे मातरम् के नाम से देश की आजादी की लड़ाई में सभी लोग भाग लिये थे। अंग्रेजों के विरूद्ध विद्रोह के लिए देश की स्वतंत्रता आंदोलन में भाग ले रहे आंदोलनकारियों को उत्साह हेतु वंदे मातरम् नारा ही प्रमुख था। मैं बोलता हूं कि वंदे मातरम् विषय ही ऐसा है, जो सबके लिए प्रिय है।

 

मंत्री केदार कश्यप एवं विधायक सुशांत शुक्ला के साथ हुई तीखी बहस….ब्यास कश्यप को बीच में रोकते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि आप लोगों के तुष्टीकरण के कारण ही तो कश्मीर इतने सालों तक उपेक्षित रहा। आप लोगों ने धारा 370 नही हटाया। यह इस बात का प्रमाण है। विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. रमन सिंह ने मंत्री केदार कश्यप को रोकते हुआ कहा कि आप उनको बोलने दीजिए। ब्यास कश्यप ने कहा कि धारा 370 हटने के बाद जम्मू कश्मीर की क्या स्थिति है, क्या आप उसको देखने के लिए जाते हैं? मैं आपसे यह पूछना चाहता हूं कि आपने धारा 370 संविधान से पास कर लिया, परंतु क्या आप उसको जम्मू कश्मीर में लागू कर पा रहे हैं? विधायक सुशांत शुक्ला ने इस पर आपत्ति ली तो अध्यक्ष डाॅ. रमन सिंह ने उन्हें रोकते हुए ब्यास कश्यप को पुनः बोलने का अवसर दिया। ब्यास कश्यप ने कहा कि मैं किसी की भावनाओं को ठेस नही पहुंचाना चाहता हूं। आप लोगों ने जो ठेस पहुंचाई है न, मैं उसी बात को बता रहा हूं। आप लोग थोड़ा सा सुन लीजिए। उन्होंने आगे कहा कि अरूण साव जी ने कहा कि आपातकाल के समय संघ के लोग वंदे मातरम् कहकर जेल गये। गये होंगे, अच्छी बात है। संघ का जो गीत है- ’’नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे, त्वया हिन्दूभूमे सुखं वर्धितोहम्। वह यह कहकर भी तो जेल जाते। वंदे मातरम् के साथ यह गीत गाकर भी जेल जाते। विधायक अनुज शर्मा ने टोकते हुए कहा कि माननीय अध्यक्ष जी, वह बैठे उधर हैं, लेकिन उनका दिल अभी तक इधर ही है। जवाब मंे ब्यास कश्यप ने कहा कि महोदय, आपने जो प्रताड़ित किया है, उसी नाम से हम इधर आये हैं। आप लोग मेरे से ज्यादा मत कहलवाइए। आप लोगों से ज्यादा ट्रेनिंगशुदा, प्रशिक्षु और बौद्धिक दृष्टि प्राप्त कार्यकर्ता अब इधर आ गया है। अनुज शर्मा ने कहा कि अच्छा आप बताईये, आप पुराने आदमी हैं। क्या आप राम मंदिर आंदोलन मे गये थे? ब्यास कश्यप ने कहा – मैं इलाहाबाद से अयोध्या एक हफ्ते तक पैदल गया था। उनकी बात सुनकर सभी मेज थपथपाने लगे। उन्होंने आगे कहा किन्तु भारतीय जनता पार्टी के द्वारा कभी मुझे सम्मान नही मिला। हमारे आदरणीय शर्मा जी बोल रहे थे कि अखण्ड भारत। जो कि पूर्व में भारत का स्वरूप था अफगानिस्तान से लेकर बर्मा तक। वर्तमान स्थिति में इस लोकतंत्र में जब उस अखंड भारत का निर्माण होगा तो भाजपा कहां रहेगी, इस बात का चिंतन बाद में कीजिएगा।

 

ब्यास कश्यप ने आॅपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया…ब्यास कश्यप ने कहा कि आदरणीय चंद्राकर जी ने कहा, सब लोगों ने कहा कि मोदी जी बिरयानी खाने के लिए पाकिस्तान चले जाते हैं। वह नही खाते या क्या खाते हैं लेकिन कुछ न कुछ करके गये तो हैं न? चाय पीकर आये। लेकिन पाकिस्तान की चाय पिये न? हां अच्छी बात है जाना चाहिए। आप अभी आॅपरेशन सिंदूर के बारे में कह रहे थे। माननीय मोदी जी की रगों में पूरा सिंदूर बह गया परन्तु पाकिस्तान से क्रिकेट खेलने लिए आपत्ति नही है। आप लोग पाकिस्तान से मैच खेलेंगे। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी की सरकार बोलती है कि पाकिस्तान से सभी संबंध खत्म तो फिर क्रिकेट क्यों खेला जाता है? क्योंकि हजारो करोड़ों रूपये की इनकम होगी भारतीय क्रिकेट बोर्ड बी.सी.सी.आई. को जिसके प्रमुख अमित शाह जी के सुुपुत्र जय शाह जी हैं। उन्होंने अखण्ड भारत के निर्माता सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करते हुए कहा कि अहमदाबाद मेें सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम से जो क्रिकेट स्टेडियम था, उसका नाम माननीय नरेन्द्र मोदी जी के नाम से होना क्या न्यायोचित है? दो तरीके से बातें नही होगी। उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चटर्जी का देश को गौरवान्वित करने वाला वंदे मातरम् अमर है। जिसके नाम से देश की आजादी की लड़ाई मंे लड़कर देश आजाद हुआ है। इसको चिरस्थायी बनाकर रखिये। हमारे खड़गे जी ने कहा कि आप सब चीज को चाहे सरदार पटेल हो, शास्त्री जी हो, वंदे मातरम् हो, आप ले लीजिए। आप उसको स्वीकार तो कर रहे हैं न। आप लोग सिर्फ गांधी परिवार, गांधी परिवार कहते हैं, गांधी परिवार ने जितना कुछ इस देश के लिए किया है, देश के लिए शहीद हुए हैं, आपकी तरफ से कौन क्या हुआ है

Lakheshwar Yadav

Office Add. - Link Road, Angel Sports Complex Janjgir, 495668 Mob.9755932150

Related Articles

Back to top button