
जांजगीर में विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रकृति प्रेमियों की अनोखी पहल, ‘पर्यावरण की शव शैय्या’ निकालकर पेड़ों की कटाई, प्रदूषण और बिगड़ते पर्यावरणीय संतुलन के प्रति लोगों को किया जागरूक…
- जांजगीर में विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रकृति प्रेमियों की अनोखी पहल, ‘पर्यावरण की शव शैय्या’ निकालकर पेड़ों की कटाई, प्रदूषण और बिगड़ते पर्यावरणीय संतुलन के प्रति लोगों को किया जागरूक…
- जांजगीर में प्रकृति प्रेमियों की अनोखी पहल, ‘पर्यावरण की शव शैय्या’ निकालकर जगाई अलख…
जांजगीर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जांजगीर जिला मुख्यालय में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अनोखी और भावनात्मक जागरूकता रैली निकाली गई। पर्यावरण एक्टिविस्ट काजल कसेर एवं उनके साथियों द्वारा आयोजित इस अभियान ने शहरवासियों का ध्यान पर्यावरण के प्रति बढ़ते संकट की ओर आकर्षित किया। रैली का मुख्य उद्देश्य पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, बढ़ते प्रदूषण और लगातार बिगड़तेपर्यावरणीय संतुलन के प्रति लोगों को जागरूक करना था।रैली के दौरान “पर्यावरण की शव शैय्या” का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। इस अनूठी प्रस्तुति के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि यदि समय रहते प्रकृति और पर्यावरण को बचाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में मानव जीवन भी गंभीर संकट में पड़ सकता है। रैली में शामिल लोगों ने हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियां और बैनर लेकर शहर के प्रमुख मार्गों पर भ्रमण किया तथा नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
“पर्यावरण को जिंदा करो” एक दिवसीय अभियान के तहत प्रतिभागियों ने लोगों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने, जल संरक्षण अपनाने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। अभियान में शामिल युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि केवल एक दिन पौधे लगाकर फोटो खिंचवाने से पर्यावरण नहीं बचेगा, बल्कि पौधों की नियमित देखभाल और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही आवश्यक है।रैली के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा, जल स्रोतों का सूखना और वायु प्रदूषण जैसे संकेत यह बता रहे हैं कि प्रकृति लगातार संकट में है। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी भूमिका निभाए और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करे।इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमी, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और शहरवासी शामिल हुए। अभियान के माध्यम से लोगों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित वातावरण छोड़ने का आह्वान किया गया।



