
जांजगीर जिला जेल में बंद दुष्कर्म आरोपी ने लगाई फांसी, एक दिन पहले ही भेजा गया था जेल, बाथरूम में फंदे पर लटका मिला शव…
- जांजगीर जिला जेल में बंद दुष्कर्म आरोपी ने लगाई फांसी, एक दिन पहले ही भेजा गया था जेल, बाथरूम में फंदे पर लटका मिला शव…
जांजगीर-चांपा जिले की जिला जेल खोखरा से बड़ी खबर सामने आई है, दुष्कर्म के मामले में न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे गए आरोपी दुवास केवट ने जेल परिसर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है, घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है
जानकारी के अनुसार, बलौदा थाना क्षेत्र में दर्ज एक नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म मामले में आरोपी दुवास केवट को सोमवार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर कल 8 जून को जिला जेल खोखरा भेजा गया था, आज मंगलवार को जेल के बाथरूम में उसका शव कपड़े के फंदे से लटका हुआ मिला, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि 5 मार्च 2026 को एक नाबालिग बालिका घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। परिजनों की शिकायत पर बलौदा थाना में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बहला-फुसलाकर भगाने का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने साइबर तकनीक और अन्य माध्यमों से तलाश कर बालिका को जिला कोरबा से बरामद किया था। जांच के दौरान आरोपी दुवास केवट को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने की बात स्वीकार की थी, इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेजा गया था।
फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है, जेल के अंदर हुई इस घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनकी जांच पुलिस और जेल प्रशासन द्वारा की जा रही है। जिला जेल के भीतर आरोपी की आत्महत्या की इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं अब जांच रिपोर्ट के बाद ही आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।



