
“दस्तावेज पूरे होने के बावजूद परीक्षा में नहीं मिला प्रवेश” प्री-बीएड, बीएससी नर्सिंग अभ्यर्थियों ने केंद्र प्रभारी पर लगाया भेदभाव और लापरवाही का आरोप…
- “दस्तावेज पूरे होने के बावजूद परीक्षा में नहीं मिला प्रवेश” प्री-बीएड, बीएससी नर्सिंग अभ्यर्थियों ने केंद्र प्रभारी पर लगाया भेदभाव और लापरवाही का आरोप..
जांजगीर के शासकीय जाज्वल्य देव कन्या महाविद्यालय में आयोजित प्री-बीएड और बीएससी नर्सिंग प्रवेश परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने से वंचित किए जाने का मामला सामने आया है, अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र प्रभारी पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने और गलत जानकारी देकर परीक्षा से बाहर करने का आरोप लगाया है, पीड़ित अभ्यर्थियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, उनका कहना है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे, अभ्यर्थियों के अनुसार वे निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंच गए थे और उनके पास प्रवेश पत्र के साथ आवश्यक पहचान पत्र भी मौजूद थे। इसके बावजूद उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया, अभ्यर्थियों का आरोप है कि केंद्र में मूल अंकसूची (ओरिजिनल रिजल्ट) मांगी गई, जबकि प्रवेश पत्र में ऐसी किसी अनिवार्यता का उल्लेख नहीं था।
अभ्यर्थी सरिता सरवन ने बताया कि वह बीएससी नर्सिंग व्यापम परीक्षा देने पहुंची थीं, उनके पास आधार कार्ड सहित सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद थे, लेकिन केंद्र पर उनके आधार कार्ड को अमान्य बताते हुए प्रवेश से रोक दिया गया, उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा अलग-अलग निर्देश दिए गए, जिससे कई अभ्यर्थी भ्रमित हो गए और परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि एक अन्य छात्रा निर्धारित समय के भीतर परीक्षा केंद्र पहुंच गई थी, लेकिन दस्तावेजों को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं मिलने के कारण उसे इंतजार कराया गया, बाद में समय समाप्त होने का हवाला देकर उसे भी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई।
मामले की जानकारी मिलने पर कुछ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन अभ्यर्थियों का आरोप है कि उनकी शिकायतों पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया, अब पीड़ित अभ्यर्थी पूरे मामले की जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग कर रहे हैं।



