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जांजगीर में वरिष्ठ साहित्यकार ईश्वरी प्रसाद यादव की संस्कृत कृति “स्तोत्रावली” का भव्य विमोचन…

  • जांजगीर में वरिष्ठ साहित्यकार ईश्वरी प्रसाद यादव की संस्कृत कृति “स्तोत्रावली” का भव्य विमोचन…

जांजगीर-चांपा जिले के वरिष्ठ साहित्यकार ईश्वरी प्रसाद यादव की नवीन संस्कृत कृति “स्तोत्रावली” का विमोचन 11 जनवरी को शाम 4 बजे जांजगीर जिला मुख्यालय स्थित शील साहित्य परिषद में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ, यह पुस्तक संस्कृत साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और विशिष्ट योगदान मानी जा रही है.

 

पुस्तक “स्तोत्रावली” में 26 हिंदू देवी-देवताओं के स्तोत्रों को भिन्न-भिन्न छंदों में संकलित किया गया है, संस्कृत में सर्वाधिक प्रचलित छंदों में रचित इन स्तोत्रों को गेय, वाचनीय एवं ग्रहणीय बनाने का सशक्त प्रयास किया गया है, यह कृति गायत्री स्तुति से प्रारंभ होकर श्री राधा स्तुति के साथ शिखरिणी छंद में समाप्त होती है, पुस्तक में कुल 17 देवी-देवताओं की स्तुति के साथ भारत माता वंदना भी सम्मिलित है, जो इसे आध्यात्मिक एवं राष्ट्रभाव से परिपूर्ण बनाती है।

विमोचन समारोह का आयोजन नरेंद्र श्रीवास्तव सभागार, शील साहित्य परिषद जांजगीर में किया गया, जहां स्वामी अग्निशिखा महाराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, कार्यक्रम में बलदाऊ प्रसाद पाण्डेय, पूर्व प्राचार्य जांजगीर एवं महेश कुमार शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार रायपुर ने विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई, समारोह की अध्यक्षता विजय कुमार दुबे, अध्यक्ष शील साहित्य परिषद ने की, इस अवसर पर लेखक के परिजन, साहित्यप्रेमी एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि वरिष्ठ साहित्यकार ईश्वरी प्रसाद यादव इससे पूर्व भी हिंदी भाषा में कई महत्वपूर्ण पुस्तकों की रचना कर चुके हैं, उनकी यह नवीन संस्कृत कृति “स्तोत्रावली” साहित्य जगत में, विशेषकर संस्कृत भाषा के क्षेत्र में, एक अतुलनीय और स्मरणीय रचना के रूप में देखी जा रही है।

Lakheshwar Yadav

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