
बंद राइस मिल में अवैध लकड़ी का भंडाफोड़, 15–20 ट्रक तेंदू-खैर जब्त, कीमत 50 लाख से अधिक, अंतरराज्यीय गिरोह की आशंका, मिल परिसर सील…
- बंद राइस मिल में अवैध लकड़ी का भंडाफोड़
- 15–20 ट्रक तेंदू-खैर जब्त, कीमत 50 लाख से अधिक
- अंतरराज्यीय गिरोह की आशंका, मिल परिसर सील
जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम भादा स्थित एक बंद राइस मिल परिसर में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 से 20 ट्रक के बराबर तेंदू और खैर की इमारती लकड़ी जब्त की है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक जब्त लकड़ी की कीमत 50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
कार्रवाई रायगढ़ और जांजगीर-चांपा वन मंडल की संयुक्त टीम ने की, गुप्त सूचना के आधार पर उड़नदस्ता दल ने संदिग्ध वाहनों का पीछा करते हुए भादा पहुंचकर छापेमारी की। परिसर के भीतर अवैध आरा मिल संचालित पाई गई, जहां चीरने की मशीन, कटर और तौल उपकरण भी बरामद हुए। मौके से तीन ट्रक जब्त किए गए, जिनमें एक एमपी-20 नंबर (जबलपुर आरटीओ) का वाहन शामिल है।
डीएफओ हिमांशु डोंगरे ने बताया कि खैर की लकड़ी अत्यंत कीमती है और बिना अनुमति इसका व्यापार प्रतिबंधित है। तेंदू की लकड़ी का उपयोग 12 बोर बंदूक की बट बनाने में, जबकि खैर से कत्था एवं फर्नीचर तैयार किया जाता है। प्राथमिक जांच में अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका जताई गई है।
वन विभाग ने मिल परिसर को सील कर दिया है और लकड़ियों की गिनती जारी है। जब्ती के बाद पीओआर दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



