
छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव पर विद्यार्थियों को तोहफ़ा, शुरू हुई फ्री JEE-NEET ऑनलाइन कोचिंग, गांव से शहर तक,अब डॉक्टर-इंजीनियर बनने का सपना होगा साकार….
छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर राजनांदगांव से एक बड़ी खुशी और सुनहरा खबर है, जिला प्रशासन की पहल पर कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन JEE और NEET कोचिंग की शुभारंभ की गई है।, इस कोचिंग का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत हुई है। रजत महोत्सव के मौके पर राजनांदगांव विकासखंड के सोमनी हायर सेकेंडरी स्कूल में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नि:शुल्क ऑनलाइन JEE-NEET कोचिंग का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिले के 18 हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड की सुविधा भी शुरू की गई।
जिला प्रशासन की इस पहल के तहत राजनांदगांव जिले के 11 केंद्रों पर कक्षा 11वीं और 12वीं के 648 विद्यार्थियों को नि:शुल्क कोचिंग दी जाएगी। इस कोचिंग का उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे JEE और NEET के लिए तैयार करना है, ताकि वे इंजीनियर और डॉक्टर बनने के अपने सपनों को साकार कर सकें। इस कार्यक्रम में फिजिक्स वाला कोचिंग इंस्टीट्यूट, भिलाई और भिलाई एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से हर शनिवार और रविवार को चार घंटे की विशेष कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इन कक्षाओं में प्रतिष्ठित संस्थानों के विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को ऑनलाइन मार्गदर्शन देंगे और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करेंगे। साथ ही, स्थानीय शिक्षकों के क्षमता निर्माण के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस पहल को विद्यार्थियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस कोचिंग के जरिए उन विद्यार्थियों को भी अवसर मिलेगा, जो रायपुर, दुर्ग या भिलाई जैसे शहरों में कोचिंग के लिए नहीं जा सकते। डॉ. सिंह ने जिला प्रशासन और कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे की इस पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि मेहनत और निरंतर अभ्यास से वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते हैं। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षण सामग्री भी वितरित की।
सांसद संतोष पांडेय ने इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन करार दिया। उन्होंने कहा कि विद्यादान सबसे बड़ा दान है और अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को इस अभियान से जोड़ें। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने बताया कि विनोबा फाउंडेशन के सहयोग से 700 से अधिक विद्यार्थियों को दो वर्षीय कोचिंग कार्यक्रम से जोड़ने का लक्ष्य है। खास तौर पर कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों के लिए यह दो वर्षीय कार्यक्रम बनाया गया है, ताकि वे बेहतर तैयारी कर सकें।
इस कार्यक्रम में जिला समन्वयक साक्षरता सतीश ब्यौहारे सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। यह पहल न केवल राजनांदगांव के विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर है, बल्कि यह शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी और सुलभ अवसर प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।



