
क्लासरूम में दो शिक्षकों की जमकर मारपीट, बच्चे दहशत में क्लास से भागे, वीडियो हुआ वायरल…
बच्चों से भरी हुई क्लास और किताबों के पन्ने पलट रहे बच्चों के बीच शिक्षक पढ़ा रहे थे तभी तब तक दूसरे मास्टर साहब आते हैं और कुछ पल की बातचीत के बाद मार- पिटाई की नौबत आ गई है। दो टीचरों के बीच मारपीट होती देख, बच्चे डर और घबराहट के मारे क्लास छोड़कर भागने लगे, यह घटना छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के एक सरकारी स्कूल की है.
आपको बता दे कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के शासकीय हाई स्कूल एवं पूर्व माध्यमिक शाला धारासिव में दो शिक्षकों की मार पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो रहा है। बच्चों ने बताया, जब शिक्षक विनीत दुबे अपनी क्लास लेने नहीं पहुँचे तो उनकी जगह मनोज कश्यप हिंदी की क्लास लेने पहुँच गए। वह बच्चों को पढ़ा ही रहे थे कि इसी बीच विनीत दुबे भी क्लास में आ गए और मनोज कश्यप को पढ़ाने से मना करते हुए वाद-विवाद करने लगे। मामला इतना बढ़ा कि दोनों में गाली-गलौज के बाद हाथापाई हो गई। इसमें दोनों शिक्षकों को चोटें भी आईं। वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि दोनों टीचर पहले तो क्लास के पीछे जाते हैं, कुछ पल की बातचीत और फिर एक दूसरे का कॉलर पकड़ लेते हैं। अगले ही पल दोनों शिक्षक जमीन पर लोटपोट हो जाते हैं। दोनों एक दूसरे को जमकर मारने में लग जाते हैं। इतने में टीचरों की मार-पिटाई होती देख बच्चे क्लास छोड़कर भागने लगते हैं।
छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि विनीत दुबे का पहले भी कई बार दूसरे शिक्षक के साथ विवाद हो चुका है, वे अक्सर समय पर स्कूल भी नहीं आते हैं, इस संबंध में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी का कहना है कि यदि स्कूल प्राचार्य की ओर से लिखित शिकायत मिलती है, तो जांच कर दोषी शिक्षक पर सख्त कार्रवाई की जाएगी,
CCTV में रिकॉर्ड हुआ वीडियो…स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई, फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे दोनों शिक्षक आपसी विवाद में इतने उलझ गए कि उन्हें इस बात का भी ध्यान नहीं रहा कि उनके सामने बच्चे मौजूद हैं, घटना सामने आने के बाद से ही इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। लोग कह रहे हैं कि शिक्षक बच्चों के लिए रोल मॉडल होते हैं। जब वही क्लासरूम में हिंसा करेंगे, तो बच्चे उनसे क्या सीखेंगे? वहीं, इस घटना ने स्कूल की व्यवस्था और शिक्षकों के आचरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोगों ने उठाए ये सवाल.. यह मामला अब प्रशासन और शिक्षा विभाग के लिए भी चुनौती बन गया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर स्कूलों में शिक्षकों के बीच ऐसे विवाद क्यों होते हैं और उनका समाधान कैसे किया जाए। विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। इस घटना से एक और बड़ा सवाल यह भी खड़ा हुआ है कि क्या स्कूलों में अनुशासन और नियमों का पालन सही से हो रहा है? अगर शिक्षक ही बच्चों के सामने संयम न रख पाएं तो यह शिक्षा व्यवस्था की छवि को धक्का पहुंचाता है।



