
नकटी गांव के बाद अब जांजगीर में वन विभाग की कार्यवाही, तड़के 4 बजे अफरीद मुड़पार में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम, 3 मकान गिराए 18 को नोटिस, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के विरोध के विरोध से थमा अभियान, कार्रवाई की सूचना जिला प्रशासन और स्थानीय थाने को नहीं होने का दावा…
- नकटी गांव के बाद अब जांजगीर में वन विभाग की कार्यवाही,
- तड़के 4 बजे अफरीद मुड़पार में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम,
- 3 मकान गिराए 18 को नोटिस, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के विरोध के विरोध से थमा अभियान…
- कार्रवाई की सूचना जिला प्रशासन और स्थानीय थाने को नहीं होने का दावा
जांजगीर-चांपा जिले के अफरीद मुड़पार क्षेत्र में वन विभाग ने शनिवार तड़के बड़ी अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई की, रायपुर के नकटी गांव के बाद अब जांजगीर में सुबह करीब 4 बजे डीएफओ की तानाशाही और वन विभाग की टीम पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियो के साथ मौके पर पहुंची, जेसीबी की मदद से कथित वन भूमि पर बने तीन मकानों को ध्वस्त कर दिया गया, कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में फॉरेस्ट गार्ड और स्थानीय पुलिस बल तैनात रहा, बड़ी ताजुब की बात यह है कि इस अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बारे में जिला प्रशासन कलेक्टर और अन्य अधिकारी को भी जानकारी नहीं थी। वन विभाग द्वारा स्थानीय थाना में भी इसकी सूचना नहीं दी गई थी.
बता दे कि इस मामले में कुल 18 मकान मालिकों को पहले ही नोटिस जारी किया गया था, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की प्रक्रिया के तहत यह कार्रवाई की जा रही है, मौके पर वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और पुलिस बल मौजूद रहे।
वहीं कार्रवाई का ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जमकर विरोध किया, विरोध बढ़ने के बाद प्रशासन को कार्रवाई रोकनी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मकानों को हटाना ही था तो बरसात शुरू होने से पहले प्रभावी सूचना और पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि बारिश के मौसम में इस तरह की कार्रवाई से प्रभावित परिवारों के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।



