
अमरकंटक बुकिंग के बहाने बुलाया, फिर ड्राइवर की हत्या कर लूटी कार, जांजगीर कोर्ट ने हत्या, अपहरण और लूट के मामले में तीनों दोषियों को उम्रकैद और अर्थदंड से दंडित किया…
- अमरकंटक बुकिंग के बहाने बुलाया, फिर ड्राइवर की हत्या कर लूटी कार, जांजगीर कोर्ट ने हत्या, अपहरण और लूट के मामले में तीनों दोषियों को उम्रकैद और अर्थदंड से दंडित किया…
- हत्या करने का षडयंत्र रचकर अपराध कारित किया गया, अपहरण, लूट एवं हत्या के आरोपीगण को मिली
- आजीवन कारावास की सजा माननीय जयदीप गर्ग प्रधान सेशन जज, जांजगीर का फैसला
जांजगीर:- सीने में पत्थर मारकर हत्या करने वाले आरोपीगण को माननीय न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध अपराध धारा 302 भादवि के अपराध के लिए आजीवन कारावास व 10,000-10,000 रु० के अर्थदण्ड, घारा 397/120 के अपराध के लिए आजीवन कारावास व 10,000-10000 रु०, धारा 364 के अपराध के लिए आजीवन कारावास व 10,000-10,000 रु० के अर्थदण्ड एवं धारा 201 के अपराध के लिए आजीवन कारावास व 10,000-10,000 रू0 के अर्थदण्ड के दंडित किया गया है।
संदीप सिंह बनाफर लोक अभियोजक, जांजगीर के बताये अनुसार डिजायर कार क. सीजी 04/पीसी-1378 जो इंकेश डिंडोर के नाम पर है जिसे वह किराये पर चलाने का काम करता है, रमाकांत तिवारी उक्त वाहन का चालक है। कोटमी सोनार निवासी मोबाईल नंबर 83051 15209 के धारक कोटमी सोनारय से अमरकंटक जाने के लिए उक्त कार को बुकिंग किया गया था। दिनांक 13.04.2024 को रात्रि करीब 9-10 बजे चालक रमाकांत तिवारी उपरोक्त वाहन को लेकर बुकिंग उठाने कोटमी सोनार गया था। दिनांक 14.04.2024 को पता चला कि उपरोक्त कार अकलतरा थाना क्षेत्र के ग्राम पचरी बरबसपुर के पास खड़ी है तब जाकर देखने पर कार में उसका ड्रायवर नहीं था। गाड़ी में खून लगा हुआ था। उक्त सूचना वाहन स्वामी इंकेश डिंडोर के भाई छत्रपाल डिंडोर के द्वारा थाना अकलतरा में दिये जाने पर उसे पता चला कि उसके कार के ड्रायवर का शव थाना सारागांव क्षेत्रांतर्गत ग्राम लखुर्री नहर किनारे पड़ा हुआ है। मौके पर जाकर देखने पर उक्त शव रमाकांत तिवारी का ही होना पाया गया। उसके शरीर पर मारपीट के चोट के निशान दिख रहे थे। किसी अज्ञात के द्वारा रमाकांत तिवारी को मारकर फेंक दिया गया था। दिनांक 14.04.2024 को दोपहर 2 बजे छत्रपाल डिंडोर के द्वारा उक्त सूचना थाना सारागांव में दिये जाने पर मर्ग कमांक 10/2024 दर्ज किया गया। थाना सारागांव के मर्ग जांच के दौरान घटनास्थल जाकर शव का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया गया व मृतक के शव को पीएम हेतु सीसचसी बम्हनीडीह भेजा गया। चिकित्सक के द्वारा मृतक की मृत्यु के संबंध में शार्ट पीएम रिपोर्ट दिया गया। चिकित्सक की शाट पीएम रिपोर्ट में मृतक रमाकांत तिवारी की मृत्यु का कारण उसके गले को दबाने से और मृत्यु की प्रकृति हत्यात्मक होना लेख किया गया। तदोपरांत मर्ग जांच के दौरान सूचक छत्रपाल डिंडोर, अश्वनी कुमार जायसवाल, मृतक की मां उर्मिला तिवारी का कथन लेखबद्ध किया गया। जिसमें उनके द्वारा उक्त कार को मोबाईल नंबर 83051 15209 के रंजीत उर्फ विवेकपूरी गोस्वामी द्वारा बुकिंग कराये जाने का पता चलने पर अभियुक्त रंजीत उर्फ विवेक पुरी गोस्वामी के विरूद्ध धारा 302,210 भारतीय दण्ड संहित के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट 86/2024 पंजीबद्ध किया गया। उपराध दर्ज होने के उपरांत विवेचना के दौरान अभियुक्त रंजीत उर्फ विवेकपुरी गोस्वामी एवं अन्य सहयोगी राहुल श्रीवास व सोमप्रभात से पूछताछ कर मेमोरंण्डम कथन लेखबद्ध किया गया। जिसमें उन्होंने नया मोबाईल नंबर लेकर गाड़ी बुक करेंगे और बिलासपुर से ट्रेवल्स की कार बुक कर अमरकंटक की ओर जायेंगे और कार को लूटकर बेचकर पैसा कमायेंगे तथा
ड्रायवर को निपटा देंगे की योजना बनाये थे। दिनांक 13.04.2024 को अभियुक्त विवेकपुरी गोस्वामी ने नये सिम नंबर 83051 15209 से बात कर सूचक की स्पीफ्ट डिजायर कार कमांक सीजी 04-1378 को बुक किया । रात्रि लगभग 10.30 बजे सफेद रंग की उक्त कार को ड्रायवर रमाकांत तिवारी लेकर आया, जिसमें तीनों अभियुक्तगण कोटमी सोनार से बैठकर अमरकंटक के लिए निकले। अभियुक्तगण रात में रास्ते में एक ढाबे में रूके और गुपचुप तरीके से ड्राइवर रमाकांत तिवारी को मारने के लिए योजना बनाये और करीबन रात्रि 2 बजे गौरेला पेण्ड्रा रोड किनारे खाने के नाम से गाड़ी को रोकने के लिए बोले और गाड़ी रूकने के बाद ड्रायवर रमाकांत तिवारी के गले को जोर से दबाये, जिससे वह घायल हो गया। उसे कार से निकालकर रोड किनारे जमीन में ले जाकर वहीं पर रखे पत्थर से उसके सीने पर चार पांच बार मारे जिससे उसकी मृत्यु हो गयी। अभियुक्तगण मृतक के शव को कार के पीछे सीट में लिटा दिये और वापस आते समय अपने पुराने परिचित दोस्त सरसीवा के पास पंडरीपाली निवासी नाबालिग प्रिंस बंजारे को फोन कर लाश को छिपाने के लिए गड्ढा खोदने के लिए बोले और मृतक रमाकांत तिवारी की लाश को लेकर सुबह करीब 6.30 बजे पंडरीपाली पहुंचे। वहां प्रिंस बंजारे गड्ढा खोदकर रखा था लेकिन उजाला होने से लाश को छिपाना संभव नहीं हो सकता तब प्रिंस बंजारे से फावड़ा, गैती लेकर अभियुक्तगण लाश छिपाने की नियत से प्रिंस बंजारे को साथ में गाड़ी में बैठाकर मिरौनी बांध की ओर ले गये, जहां पुलिस का चूक पास्ट लगा देखकर वहां से वापस बिर्रा तरफ भाग गये। रास्ते में प्रिंस बंजारे गाड़ी से उतर गया। अभियुक्तगण राहुल श्रीवास, विवेकपुरी गोस्वामी एवं सोमप्रभात साहू बम्हनीडीह सारागांव के बीच सड़क से कुछ दूर नहर किनारे ड्रायवर रमाकांत तिवारी की लाश को फेंक दिये और कार को लेकर भाग गये। अभियुक्तगण ग्राम पचरी के पास पहुंचे थे कि लोगों की चहल-पहल बढ़ने के कारण डरकर कार को छोड़कर भाग गये। अभियुक्तगण के विरुद्ध सबूत पाये जाने से उन्हें गिरफ्तार किया गया। साक्षियों का कथन लेखबद्ध किया गया। विवेचना में एकत्र साक्ष्य के आधार पर अभियुक्तगण के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने पर धारा 302,201,397,34 भादसं का अभियोग पत्र तैयार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में कुल 15 साक्षियों का साक्ष्य लिया गया।
अभियोजन ने तर्क प्रस्तुत किया कि जिस प्रकार से अभियुक्तगण द्वारा आपराधिक षडयंत्र रचकर अपहरण, लूट एवं हत्या कारित करने जैसा गंभीर अपराध कारित किया गया है। वह अत्यंत ही दर्दनाक घटना है। अतः आरोपी को कठोर से कठोर दंड दिया जावे।
इस प्रकार संपूर्ण अभियोजन साक्षियों का कथानक लिये जाने के पश्चात अभियोजन साक्षियों के न्यायालयीन कथनों के विश्लेषण उपरांत माननीय जयदीप गर्ग प्रधान सेशन जज, जांजगीर ने पाया कि उपरोक्त तथ्यों से परिस्थितिजन्य साक्ष्य की सभी कड़िया एक दूसरे से निर्णायक रूप से पूरी तरह जुड़ रही है एवं इस प्रकार की श्रृंखला बन रही है कि अधिकतम संभावना इस बात की है कि अभियुक्तगण द्वारा आपस में मिलकर एक दूसरे के सामान्य आशय में आपराधिक षडयंत्र रचकर रमाकांत तिवारी का अपहरण कर उससे लूटपाट की एवं लूटपाट के लिए उसकी हत्या की गयी है। उक्त परिस्थितियां स्पष्ट रूप से अभियुक्तगण के अपराध की ओर संकेत करती है एवं यह भी इंगित करती है कि अभियुक्तगण द्वारा अपराध कारित किये जाने के अलावा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा अपराध किये जाने की परिकल्पना के लिए कोई जगह नहीं है। अतः मेरे विचार में अभियोजन सभी अभियुक्तगण के विरूद्ध संदेह से परे यह आरोप प्रमाणित करने में सफल रहा है कि अभियुक्तगण द्वारा आपस में मिलकर एक दूसरे के सामान्य आशय में लूट करने के लिए आपराधिक षडयंत्र रचकर रमाकांत तिवारी का अहरण कर उसकी हत्या की गयी तथा उससे कार स्वीफट डिजायर कमांक सीजी 04 पीसी 1378 एवं अन्य सामान की लूट की गयी तथा साक्ष्य के विलोपन हेतु मृतक रमाकांत तिवारी के श्याव को ग्राम लखुर्री नहर के पास फेंक दिया गया एवं कार को ग्राम पचरी नहर गेट पर छोड़कर मौके से फरार हो गये। अतः सभी अभियुक्तगण (1) राहुल श्रीवास पिता स्व. गजानंद श्रीवास उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम लटिया वार्ड नं 14 (2) सोमप्रभात साहू पिता ओमप्रकाश साहू उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम तरौद वार्ड नं 09 (3) विवेकपुरी गोस्वामी पिता नरेन्द्रपुरी गोस्वामी उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम तरौद सभी थाना अकलतरा, जिला जांजगीर-चांपा (छ०ग०) को दोषसिद्ध अपराध धारा 302 भादवि के अपराध के लिए आजीवन कारावास व 10,000-10,000 रु० के अर्थदण्ड, धारा 397/120 के अपराध के लिए आजीवन कारावास व 10,000-10000 रु०, धारा 364 के अपराध के लिए आजीवन कारावास व 10,000-10,000 रु० के अर्थदण्ड एवं धारा 201 के अपराध के लिए आजीवन कारावास व 10,000-10,000 रू० के अर्थदण्ड के दंडित किया गया है। वहीं अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं करने पर 6-6 माह का सश्रम कारावास की सजा माननीय न्यायालय द्वारा दी गयी है।
उक्त प्रकरण में अभियोजन की ओर से संदीप सिंह बनाफर लोक अभियोजक, जांजगीर ने पैरवी की।



