
हरदी गांव में अवैध खाद का कारोबार बेखौफ जारी, बिना लाइसेंस घर में भंडारण कर खुलेआम बिक्री का आरोप, कृषि विभाग की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल…
- हरदी गांव में अवैध खाद का कारोबार बेखौफ जारी, बिना लाइसेंस घर में भंडारण कर खुलेआम बिक्री का आरोप, कृषि विभाग की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल…
जांजगीर–चांपा जिले के ग्राम हरदी में अवैध खाद भंडारण और बिक्री का गंभीर मामला सामने आया है, ग्रामीणों के अनुसार छबि लाल साहू नामक व्यक्ति अपने घर में बनाए गए गोदाम में बड़ी मात्रा में खाद का भंडारण कर रहा है और बिना किसी वैध लाइसेंस के खुलेआम बिक्री कर रहा है, आरोप है कि उसके पास न तो खाद विक्रय का लाइसेंस है और न ही भंडारण से जुड़े कोई अधिकृत दस्तावेज।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस अवैध गतिविधि की सूचना पहले ही कृषि विभाग के अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक न तो किसी प्रकार की जांच की गई और न ही कोई कार्रवाई हुई है। इससे कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं और विभागीय मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति खुद को जिला पंचायत सभापति राजकुमार साहू का रिश्तेदार बताकर धौंस जमाता है, इतना ही नहीं, वह यह भी दावा कर रहा है कि उसका खाद विक्रय लाइसेंस “बनने की प्रक्रिया में है” और चालान जमा होते ही उसे लाइसेंस मिल जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि बिना लाइसेंस के खाद बेचकर मोटी कमाई की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, छबि लाल साहू यह भी कहता है कि कृषि विभाग के कर्मचारियों से उसकी “बात हो चुकी है” और उसे खाद भंडारण की अनुमति मिल गई है। यदि यह दावा सही है, तो यह मामला और भी गंभीर हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खाद की बिक्री से किसानों के साथ धोखाधड़ी हो रही है और घटिया या अनियमित खाद के उपयोग से फसलों के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की तत्काल और निष्पक्ष जांच कर अवैध खाद भंडारण एवं बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाए, साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो। अब देखना यह होगा कि कृषि विभाग और प्रशासन इस मामले में त्वरित कदम उठाते हैं या फिर हरदी गांव में अवैध खाद का यह कारोबार यूं ही चलता रहेगा।



