
हाथों में मेहंदी, आंखों में सपने, आंगन में पहुंची बारात..लेकिन नशे में धुत दूल्हे को देखकर दुल्हन ने किया शादी से इंकार, खाली हाथ लौटी बारात, कोसमंदा की बेटी मुस्कान बनी नशे के खिलाफ मिसाल…
- नशे में लड़खड़ाता हुआ पहुंचा दूल्हा,
- दुल्हन ने मंडप में ही लिया बड़ा फैसला,
- शादी से किया इंकार, पूरे जिले में हो रही साहस की सराहना
जांजगीर चांपा – नशा के खिलाफ कोसमंदा गांव की बेटी ने ऐसा कर दिखाया कि अब उसके साहसिक कदम का जिले भर मे वाहवाही होने लगी हैं 23 जून की रात मुस्कान प्रधान की शादी होने वाली थीं, घर के आँगन मे खोखरा गांव से दूल्हा बारात लेकर पंहुचा, लेकिन दूल्हा अपने ही बारात मे नशे मे धुत होकर पंहुचा और द्वार पूजा के दौरान खुद के पैर मे खडा नहीं हो पा रहा था,दूल्हे के इस हालत को देख कर दुल्हन बनी मुस्कान द्वार मे पहुँची और नशे मे धुत युवक से शादी करने के इंकार कर दिया, मुस्कान के इस निर्णय का परिजनों ने समर्थन किया लेकिन बारातियों को ये मंजूर नहीं था, वाद विवाद मारपीट के पुलिस और सामाजिक लोगो की समझाइस के बाद बारात खाली हाथ बिना दुल्हन के लौट गई।
वैसे तो हर लड़की का सपना होता हैं कि उसकी भी शादी हो उसके राजा की बारात उसके आँगन मे धूम धाम के साथ आए और खुशी खुशी अपनी माँ बाप का घर छोड़ अपने पिया के घर जाए, ऐसा ही सपना जांजगीर चाम्पा जिला के कोसमंदा गांव की रहने वाली मुस्कान प्रधान ने भी देखा था बड़े धूम धाम के साथ खोखरा गांव मे मुस्कान की सगाई कराई गई और आखिरकार वो दिन आ ही गया जब मुस्कान अपने हाथ मे मेंहदी सजा कर अपने घर बारात आने की खुशी मे बैठी थीं, सब कुछ ठीक चल रहा था बारात मुस्कान के घर के द्वार मे पहुंची और दूल्हा अपनी कार से उतर कर द्वार पूजा के लिए अपने साथियो का सहारा लेकर पहुंचा। नशे मे धुत दूल्हा को देख कर चर्चा होने लगी और बात दुल्हन तक पहुंची, मुस्कान ने देर किए बिना अपने घर की दहलीज पार कर बारातियो के बीच पहुंची और नशे मे धुत दूल्हे के गाल मे थप्पड़ खींच कर दी और शादी करने ने इंकार कर दी, इस घटना को देखते ही मुस्कान के परिजनों ने भी बारात लौटाने के लिए कहा जिसके बाद बाराती और घरातियों के बीच मारपीट हुई, मामले की सूचना मिलने पर चाम्पा पुलिस मौके मे पहुंची और विवाद को शांत कराया और मुस्कान के द्वारा शादी करने से इंकार करने पर बारात बैरंग ही लौटना पडा, नशा के खिलाफ खड़ी हुई मुस्कान के इस कदम का जिले भर मे प्रशंसा हो रही हैं।
मुस्कान की माँ ने बताया कि उसके तीन बेटी और एक बेटा हैं मुस्कान के पिता भी शराब के आदी थे और शादी के 15 साल बाद उसकी मौत हो गई बचपन से पिता के शराब पीने का दुष्परिणाम मुस्कान और बच्चो ने देखा था गरीब परिस्थिति के कारण मुस्कान दसवीं तक की पढ़ाई की और बड़ी बेटी होने का फ़र्ज दिखाते हुए सिलाई कढ़ाई कर अपने परिवार का पालन पोषण करने लगी बेटी की उम्र होने के कारण उसका शादी तय किया गया और आँगन मे बारात भी पहुंचे गई लेकिन नशे मे धुत युवक से जब बेटी ने शादी करने से इंकार किया तो हम भी उसका साथ दिए और बारात को वापस लौटा दिए।
मुस्कान के द्वारा नशेड़ी युवक से नाता जोड़ने के बजाए बारात लौटाने की सूचना मिलने पर कलेक्टर और एसपी के साथ सामाजिक संगठन और महिला संगठन ने मुस्कान और उसके परिवार का सम्मान किया, पुलिस अधीक्षक ने मुस्कान के खिलाफ छेड़े गए इस जंग से प्रभावित होकर काउंसलर की नियुक्ति दी और पाँच हजार रुपये प्रति माह मानदेय देने की घोषणा की है वही कलेक्टर ने मुस्कान का सम्मान करते हुए स्कूल की शिक्षा दिलाने और व्यवसायिक प्रशिक्षण और शासन की अन्य योजना का लाभ दिलाने का भरोसा दिलाया है।

सामाजिक रीती रिवाज के साथ अपने जीवन साथी के पास जाने के लिए सजी मुस्कान ने नशे के खिलाफ खड़ा हो कर एक बड़ा सन्देश दिया हैं और अन्य युवतियो को भी नशेड़ियों से नाता जोड़ने के बजाए एक नई क्रांति की शुरुआत करने का सन्देश दिया हैं, जिससे समाज मे नई सोच आए और नशे के सिकंजे मे जकड़े युवाओ मे सुधार आए और नशा छोड़ अपनी नई जिन्दगी की शुरुआत करें।



