
जांजगीर-चांपा में NH-49 का दर्दनाक सच: 5 की मौत, 3 घायल—पर प्रशासन गायब, घायल किसान संतोष साहू का इलाज दोस्तों के चंदे पर टिकी, सरकारी मदद सिर्फ कागज़ों में जिंदा…
जांजगीर-चांपा :- सडक हादसे में गंभीर रूप से घायलों को न तो प्रशासन की ओर से बेहतर चिकित्सा सहायता मिली, न ही आर्थिक मदद, नवागढ़ के गरीब किसान संतोष साहू की हालत गंभीर है उसके कमर के निचले हिस्से में गहरी चोट आई है, लेकिन उनकी दोस्तों को ही चंदा इकट्ठा करके रायपुर के डीकेएस अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा
क्योंकि प्रशासन से मदद की उम्मीद ख़त्म हो चुकी थी. यह सब दर्शाता है कि प्रशासन और सरकार की मुआवजा व राहत का वादा केवल बयानबाजी तक सीमित रह गया है. घायलों के परिवारों को इलाज के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है, जबकि सरकारी मदद ठप पड़ी हुई है। इस दर्दनाक मौके पर यह सवाल उठता है कि क्या गरीब और घायल लोगों की पीड़ा सुनने वाला कोई है? क्या ऐसी अनदेखी जनता के प्रति सत्ता की संवेदनहीनता को नहीं दिखाती?
बता दे की जांजगीर-चांपा मुख्यालय से लगे सुकली में NH 49 में दिल दहला देने वाली घटना हुई थी, जिसमें ट्रक और स्कॉर्पियो में जोरदार भिड़ंत हुआ था ,स्कॉर्पियो में सवार पांच लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, वही तीन लोगों को गंभीर चोट आई थी, तीनों को बिलासपुर सिम्स में इलाज के लिए रेफर कर दिया गया था,जहां सिम्स से घायल नवागढ़ निवासी संतोष साहू को दोस्तों ने इलाज के रायपुर के DKS अस्पताल भर्ती कराया हैं और चंदे के पैसों से इलाज कराया जा रहा हैं. संतोष साहू, नवागढ़ का निवासी है करीब 30 साल का है जो अपनी परिवार का खर्च खेती किसानी चालता था कड़ी मेहनत से उसे दो वक्त की रोटी मिलता था, लेकिन बारात से वापस लौटते समय हादसे में चोटें इतनी भारी कि सिम्स बिलासपुर से रायपुर DKS रेफर किया गया है, जहां ईलाज के लिए संतोष के पास उतना पैसे नहीं है, वही संतोष के ईलाज के लिए संतोष के दोस्त अब चंदे से पैसा इकट्ठा कर रहे है.
दरसल नवागढ़ से पंतोरा बारात गई हुई थी 25 नवंबर को रात 1 बजे स्कॉर्पियो में सवार बराती पंतोरा से वापस लौट रहे थे जैसे ही स्कॉर्पियो सुकली- पेंड्री मोड़ के पास NH – 49 को पार कर रही थी उसी दरमियान ट्रक की चपेट में स्कॉर्पियो आ गई, स्कॉर्पियो में सवार पांच लोगों की जिंदगी खत्म हो गई,जिसमें दो आर्मी जवान शामिल थे, एक आर्मी जवान राजेंद्र कश्यप की शादी 18 नवंबर को हुई थी,शादी को हफ्ते भर नहीं हुए थे दुल्हन की मेहंदी हाथों से नहीं छुटी थी इधर आर्मी जवान पति राजेंद्र की मौत की खबर आ गई ,खुशियां दुख में बदल गई तो वही आर्मी जवान पोमेश्वर जलतारे के परिवार में भी मातम छा गया,पांच लोगों की मौत को देख पूरा नगर शोक में डूब गया, तीन लोग घायल हुए जिनमें संतोष साहू सबसे नाजुक है, इधर प्रशासन मृतकों का पोस्टमार्टम-अंतिम संस्कार कर ‘ड्यूटी’ निपटा दी जबकि घायलों का सुध अस्पताल में भर्ती होने के बाद अब प्रशासन जरूरी नहीं समझ रहा है.
NH-49 की मौतें: अफसरों की लापरवाही का खुला खेल :अधिकारी कहते हैं कि ‘साइट निरीक्षण करेंगे, अतिक्रमण हटाएंगे’, फोरलेन जल्द शुरू कराएंगे लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है, दोनों तरफ ठेले-अतिक्रमण, ब्रेकर, चार ब्लाइंड स्पॉट (खोखरा, मुनून, पेंड्री, पिसौद चौक)—बार-बार चक्काजाम, स्थानीय विधायक जनता के साथ खड़े, फिर भी सुधार शून्य.



