
15 साल से अधूरी सड़क पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, तीसरे दिन भी 10 युवाओं का आमरण अनशन जारी, महिलाओं ने निकाली रैली, 3 जुलाई से चक्काजाम की चेतावनी, प्रशासन बोला- ग्रामीणों की लिखित सहमति मिलते ही शुरू होगा निर्माण…
- 15 साल से अधूरी सड़क पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, तीसरे दिन भी 10 युवाओं का आमरण अनशन जारी,
- महिलाओं ने निकाली रैली, 3 जुलाई से चक्काजाम की चेतावनी,
- प्रशासन बोला- ग्रामीणों की लिखित सहमति मिलते ही शुरू होगा निर्माण…
जांजगीर चाम्पा जिला मे डोंगाकोहरौद गांव मे सड़क की मांग को लेकर तीन दिनों के 10 युवाओ ने आमरण अनशन शुरू कर दिया हैं, वहीँ डोंगाकोहरौद के ग्रामीणो ने अनशनकारी युवक का साथ देते हुए शासन प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हैं, आज डोंगाकोहरौद की महिलाओ ने रैलीं निकाल कर एसडीएम कार्यकाल का घेराव किया और 3 जुलाई तक सड़क निर्माण नहीं होने पर बिलासपुर शिवरीनारायण मार्ग को 3 जुलाई से चक्काजाम करने का एलान कर दिया, वहीँ जिला प्रशासन पांच किलोमीटर की सड़क बनाने मे 62 ग्रामीणों की मुआबजा नहीं लेने की सहमति का इंतजार कर रही है.
जांजगीर चाम्पा जिला के पामगढ लाहौद से रायपुर को जोड़ने वाली सड़क 15 साल से अधूरा हैं, डोंगाकोहरौद गांव के किसानों की जमीन अधिग्रहण किए बिना ही सड़क चौडीकरण करने के लिए शासन के राशि स्वीकृत कर दी थीं, लेकिन जिन किसानो की जमीन सड़क मे आ रही हैं उन्होने पहले मुआवजा की मांग की और हाई कोर्ट की शरण मे गए मामले मे राज्य सरकार ने पांच किलोमीटर की सड़क की चौडाई कम कर निर्माण करने की योजना बनाई, इसके बाद भी 62 किसानो की जमीन सड़क से प्रभावित होने लगी और ठेकेदार ने सड़क निर्माण करने से मना कर दिया और सड़क का काम अधूरा छुट गया, अब पांच किलोमीटर की सड़क ग्रामीणों के साथ वाहन चालको के लिए परेशानी का कारण अब गया है, गर्मी मे उड़ते धूल के गुब्बार लोगो को बीमार कर रहा है, वहीँ बरसात मे सड़को के बीच बने गड्डे तालाब का रूप ले ले रहे है, जिससे आए दिन दुर्घटना हो रही है, स्थानीय जनप्रतिनिधियो पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने इस बार सड़क निर्माण कराने के लिए एक जुट हो गए है और 10 युवकों ने आमरण अनशन शुरू क़र दिया, वहीँ तीन दिनों से अनशन मे बैठे युवकों की सुध नहीं लेने पर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ आंदोलन का मन बना लिया है और आज पामगढ़ मे रैली निकाल कर शासन प्रशासन के खिलाफ नारे बाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे और 3 जुलाई को पामगढ़ मे चक्का जाम करने की चेतावनी दी है, वहीँ नेताओं पर आक्रोश जताते हुए वोट मांगने के लिए घर घर पहुंच कर हर समस्या मे ग्रामीणों का साथ देने का दावा करने और चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद ग्रामीणों से मुँह मोड़ने का आरोप लगाया है।

इधर पामगढ़ एसडीएम ने डोंगा कोहरौद की खस्ता हाल सड़क की जानकारी शासन और प्रशासन को होने का दावा किया और लंबे समय से रुके सड़क निर्माण के लिए शासन स्तर पर काम जारी होने का दावा किया, उन्होंने कहा कि सरकार ने 2.7 मीटर चौड़ी सड़क बनाने का प्रस्ताव मंगाया है, जिसे पीडब्लूडी के द्वारा तैयार भी कर लिया गया है लेकिन 65 ग्रामीणों की जमीन का कुछ हिस्सा सड़क मे आने मे कारण अभी तक काम रुका है, अगर ग्रामीण पुराने सड़क मे ही सड़क निर्माण के लिए तैयार हो और मुवाबजा नहीं लेने की लिखित सूचना देते है तभी सड़क निर्माण का काम प्रारंभ होने का दावा कर रहे है।
डोंगाकोहरौद के ग्रामीणों ने अपने गांव की सड़क बनवाने के लिए एकता का परिचय दिए है और जिनकी जमीन सड़क की हद मे आ रही है उन्होंने अपनी जमीन को दान मे देने का भी लिखित स्वीकृति दे दी है, वहीँ युवाओ ने अपने गांव की बदहाल सड़क से मुक्ति पाने के लिए अपनी जान को दाँव मे लगा कर अन्न जल त्याग कर आमरण अनशन मे बैठे है और महिलाओ ने 3 जुलाई को पामगढ़ मे चक्का जाम करने का एलान कर दिया है और क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों से दूरी बना लिए है।



