
न्यूको सीमेंट प्लांट के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, 21 जुलाई को होगा धरना-प्रदर्शन, CSR, ब्लास्टिंग और मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी का आरोप, 12 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान, प्लांट प्रबंधन पर अनुबंध की शर्तें नहीं मानने का आरोप…
- न्यूको सीमेंट प्लांट के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, 21 जुलाई को चार पंचायतों का धरना-प्रदर्शन,
- CSR, ब्लास्टिंग और मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी का आरोप,
- 12 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान, प्लांट प्रबंधन पर अनुबंध की शर्तें नहीं मानने का आरोप…
जांजगीर चाम्पा जिला के आरसमेटा ग्राम पंचायत मे स्थापित न्योंको सीमेंट प्लांट के खिलाफ क्षेत्र की जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है और प्लांट प्रबंधन और जिला प्रशासन के खिलाफ क्षेत्र की जनता आक्रोशित है, और 21जुलाई को चार ग्रामपंचायत के सरपंच और जनता धरना प्रदर्शन करने की तैंयारी मे है।
जांजगीर चाम्पा जिला का एक मात्र न्योको प्लांट की मनमानी के खिलाफ क्षेत्र की जनता मे भारी आक्रोश है, इतनी बढ़ गई है कि अब प्लांट से प्रभावित गोद ग्राम आरसमेटा,परसदा,अमोरा,सोनसरी पंचायतो मे किसी तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं करा रही है वहीँ साल भर मे सीएसआर के नाम पर मात्र के दिए गए थे, इसलिए ग्राम का विकास नहीं हो पा रहा है, न्यूको के पत्थर खदान मे होने वाली हैवी ब्लास्टिंग से कई घर छति ग्रस्त भी हो गया है, प्लांट प्रबंधन ने ग्रामीणों की मेडिकल सुविधा बंद कर दी है, जिसके कारण गोद ग्राम के नागरिक परेशान है।
न्यूको प्लांट के प्रभावित गांव के जन प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने अपने समस्या को कई बार शासन प्रशासन और प्लांट प्रबंधन को जानकारी दी है और आंदोनल की चेतावनी दी, लेकिन जिला प्रशासन के अधिकारी ग्रामीणों और प्लांट प्रबंधन के बीच माध्यस्ता करा चुकी है लेकिन समस्याओ का समाधान अब तक नहीं हो पाया, प्लांट प्रबंधन की इस रवैया से आक्रोषित ग्रामीण अब आरसमेटा गांव मे धरना प्रदर्शन कर आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है।
न्यूको सीमेंट प्लांट की स्थापना के दौरान हुए अनुबंध की सर्त को भी प्लांट प्रबंधन नहीं मान रही है और प्लांट के गोद ग्राम पंचायत मे सुविधा नहीं दिला रही है,जिसके कारण ग्रामीण प्लांट प्रबंधन के खिलाफ लाम बंद हो रहे है, और अपनी 12 सूत्रिय मांग को लेकर पहले धरना प्रदर्शन और मांग पूरा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।



