
रायगढ़ में मानवता शर्मसार — नाबालिग को खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा, जबड़ा फट गया, पुलिस मौन…
- रायगढ़ में मानवता शर्मसार — नाबालिग को खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा, जबड़ा फट गया, पुलिस मौन
रायगढ़:- जिले के राजीव नगर इलाके से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक चाय दुकान में चोरी के शक में नाबालिग को पकड़कर कुछ लोगों ने सजा देने के नाम पर इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं। मासूम को खंभे से बांधकर बेल्ट और बेसबॉल बैट से बेरहमी से पीटा गया, यहां तक कि चेहरे पर मुक्के मारने से उसका जबड़ा फट गया, इस बर्बर घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ दिखाई देता है कि लोगों की भीड़ तमाशबीन बनी रही, जबकि बच्चा दर्द से तड़पता रहा।
पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है, न तो पीड़ित की शिकायत दर्ज हुई और न ही वीडियो के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया गया. सूत्रों का कहना है कि मामले को दबाने की कोशिशें भी की जा रही हैं, यह न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि समाज की संवेदनहीनता का भी भयावह चित्र प्रस्तुत करता है।
आसपास कई लोग खड़े हैं कोई वीडियो बना रहा है, कोई तमाशा देख रहा है, लेकिन किसी ने भी बच्चे को बचाने की कोशिश नहीं की। वीडियो में एक युवक लगातार बेल्ट से नाबालिग को पीटता है, जबकि दूसरा बेसबॉल बैट से वार करता है। बीच-बीच में बच्चे की दर्द से निकली चीखें सुनाई देती हैं, लेकिन वहां मौजूद लोग हंसते और वीडियो बनाते नजर आते हैं। जानकारी के मुताबिक, यह घटना तीन दिन पुरानी बताई जा रही है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद ही मामला लोगों के संज्ञान में आया।
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा और आक्रोश है। कई सामाजिक संगठनों ने कहा है कि पुलिस कार्रवाई नहीं करती, तो वे सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे, एक समाजसेवी ने कहा “यह केवल एक बच्चे की पिटाई नहीं, बल्कि इंसानियत पर हमला है। अगर कानून हाथ में लेने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे मामले आम हो जाएंगे।” वीडियो में भीड़ की मौजूदगी इस घटना की सबसे भयावह तस्वीर पेश करती है, कोई मदद करने आगे नहीं आया, बल्कि लोग वीडियो शूट करते रहे, यह दर्शाता है कि समाज में संवेदनहीनता किस हद तक बढ़ चुकी है। एक मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ ने कहा “यह ‘मॉब मेंटेलिटी’ का उदाहरण है, जहां लोग भीड़ में खुद की जिम्मेदारी भूल जाते हैं और अमानवीय कृत्यों का हिस्सा बन जाते हैं।



