
कर्ज में डूबा किसान टावर पर चढ़ा, धान नहीं बिकने और टोकन नहीं कटने से परेशान किसान ने उठाया कदम, नवागढ़ ब्लॉक के कसौंदी गांव में हड़कंप, प्रशासन मौके पर मौजूद, देखे Video…
• जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कसौंदी का मामला…
• धान नहीं बिकने और टोकन नहीं कटने से परेशान किसान ने उठाया कदम, किसान की पहचान अनिल सूर्यवंशी के रूप में हुई
• धान खरीदी का आज अंतिम दिवस बताया जा रहा है,धान खरीदी और टोकन कटौती को लेकर किसान कई दिनों से परेशान था
• किसान पर करीब 1.50 लाख रुपये का कर्ज होने की जानकारी
•घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल, सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हुई, पुलिस की रिस्पॉन्स टीम तत्काल मौके पर पहुंची
• तहसीलदार, एसडीएम और पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद, 2 घंटे से किसान को समझाइश देकर सुरक्षित नीचे उतारने का कर रहे प्रयास…
• परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, ग्रामीणों ने धान खरीदी व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाया
• घटना ने एक बार फिर धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कसौंदी में उस समय हड़कंप मच गया, जब धान नहीं बिकने और टोकन नहीं कटने से परेशान एक किसान ने आत्महत्या का प्रयास करते हुए टावर पर चढ़ गया। किसान की पहचान अनिल सूर्यवंशी के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि धान खरीदी का आज अंतिम दिवस है और किसान अनिल सूर्यवंशी बीते कई दिनों से धान खरीदी और टोकन कटौती को लेकर परेशान था। जानकारी के अनुसार किसान पर करीब 1 लाख 50 हजार रुपये का कर्ज भी बताया जा रहा है, जिससे वह मानसिक तनाव में था।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस की रिस्पॉन्स टीम तत्काल मौके पर पहुंची। इसके बाद तहसीलदार, एसडीएम और पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचे।
बीते 3 घंटे से प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी किसान को समझाइश देकर सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं किसान के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों ने धान खरीदी व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि टोकन कटौती और किसानों की समस्याओं को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समय पर समाधान नहीं होने से किसान मानसिक रूप से टूट रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर धान खरीदी व्यवस्था और किसानों की परेशानियों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। फिलहाल प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद है और किसान को सुरक्षित बचाने का प्रयास जारी है।



