
जांजगीर-चांपा में ACB की बड़ी कार्रवाई, धान खरीदी में घपले की जांच दबाने मांगी थी रिश्वत, 35 हजार लेते नायब तहसीलदार और पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार, दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए, जानिए पूरा मामला..
- जांजगीर-चांपा में ACB की बड़ी कार्रवाई, धान खरीदी में घपले की जांच दबाने मांगी थी रिश्वत,
- 35 हजार लेते नायब तहसीलदार और पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार,
- दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए, जानिए पूरा मामला..
जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ तहसील कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार और पटवारी को 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। धान खरीदी केंद्र में गड़बड़ी की जांच को दबाने के एवज में रिश्वत मांगी गई थी। ACB ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
दरअसल, चोरभट्टी धान खरीदी केंद्र के प्रभारी वीरेंद्र कौशिक ने बिलासपुर ACB में शिकायत दर्ज कराई थी कि पामगढ़ तहसील के नायब तहसीलदार करुणा आहेर और पटवारी आयुष ध्रुव ने उनसे 40 हजार रुपए की रिश्वत मांगी है। शिकायत के मुताबिक, 23 जनवरी को दोनों अधिकारी धान खरीदी केंद्र पहुंचे थे, जहां भौतिक सत्यापन के दौरान गड़बड़ी बताते हुए पंचनामा बनाया गया और कहा गया कि यदि मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को नहीं भेजनी है तो रिश्वत देनी होगी।
इसके बाद पटवारी द्वारा लगातार फोन कर दबाव बनाया गया, जिससे परेशान होकर प्रभारी ने ACB से संपर्क किया। ACB ने 25 जनवरी को शिकायत का सत्यापन कराया। 29 जनवरी को दोबारा फोन कर पैसों की मांग की गई, जिसके बाद 35 हजार रुपए में सौदा तय हुआ।
बुधवार को DSP अजितेश कुमार के नेतृत्व में ACB टीम ने ट्रैप कार्रवाई की और पटवारी आयुष ध्रुव को 35 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। जांच में नायब तहसीलदार करुणा आहेर की संलिप्तता भी सामने आई, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया।
ACB ने दोनों आरोपियों को जिला न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। ACB अधिकारियों केशव नारायण आदित्य के मुताबिक यह साल की तीसरी और अब तक की कुल 42वीं कार्रवाई है, भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।



