
बालाघाट में राष्ट्रीय समारोह में निलेश जोगी को डॉक्टरेट सम्मान, जांजगीर-चांपा के युवा कलाकार ने बढ़ाया प्रदेश का मान…
- बालाघाट में राष्ट्रीय समारोह में युवा कलाकार निलेश जोगी को डॉक्टरेट सम्मान
इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय, बालाघाट (मध्यप्रदेश) में 22 फरवरी, रविवार को प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक राष्ट्रीय साहित्य एवं पुरातत्व से जुड़े महाभव्य समारोह का आयोजन किया गया, कार्यक्रम में शोध संस्थान संग्रहालय के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह गहरवार , डॉ फ़िरदोश श्रूफ़ (प्रसिद्ध दार्शनिक, रिसर्चर) विधायक सुश्री अनुभा मुनजारे, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गोपाल सोनी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती ठाकुर, जिला कलेक्टर श्रीमती मृणाल मीना सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। देश के विभिन्न राज्यों से आए साहित्यकार, कवि, समाजसेवी, शिल्पकार, वकील, डॉक्टर, शिक्षक एवं कलाकारों को उनके उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मानित किया गया।
इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के निवासी युवा कलाकार निलेश जोगी को संगीत कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए “वाचस्पति” की मानद उपाधि (डॉक्टरेट अवॉर्ड) से सम्मानित किया गया। निलेश जोगी ने मात्र 8 वर्ष की आयु से संगीत साधना प्रारंभ की। उनके पिता श्री संतोष जोगी एक कुशल तबला वादक एवं शिक्षक हैं तथा माता श्रीमती सुकन्या जोगी गृहिणी हैं। निलेश ने गंधर्व संगीत महाविद्यालय, मुंबई से शास्त्रीय संगीत में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने गुरु महेंद्र राठौर जी के सान्निध्य में संगीत शिक्षा ग्रहण की और अनेक प्रतिष्ठित मंचों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं।
शास्त्रीय एवं सुगम संगीत में पारंगत निलेश छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की सोंधी सुगंध को प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। गत वर्ष उन्हें “छत्तीसगढ़ कला कोहिनूर रत्न” सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। साथ ही, वे जाज्वल्यदेव संगीत विद्यालय के माध्यम से बच्चों और युवाओं को संगीत से जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रहे हैं।



