
बिजली दर वृद्धि और अघोषित कटौती के विरोध में जिला कांग्रेस ने किया बिजली कार्यालय का घेराव, मुख्यमंत्री का पुतला दहन…
- डबल इंजन सरकार में बिजली, डीजल और पेट्रोल सब महंगे, जनता बेहाल — कांग्रेस
- बिजली दर वृद्धि और अघोषित कटौती के विरोध में जिला कांग्रेस ने किया बिजली कार्यालय का घेराव, मुख्यमंत्री का पुतला दहन..
जांजगीर-चांपा:- प्रदेश में लगातार बढ़ती महंगाई, बिजली दरों में वृद्धि तथा अघोषित बिजली कटौती के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी जांजगीर-चांपा के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केरा रोड स्थित बिजली कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान विद्युत विभाग के अधिकारियों को प्रतीकात्मक रूप से चूड़ियां भेंट की गईं तथा जोरदार नारेबाजी के बीच मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया।
इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लेने और अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने की मांग की गई।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और जिले भर से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “महंगी बिजली नहीं चलेगी”, “जनविरोधी नीति नहीं चलेगी”, “डबल इंजन सरकार, जनता पर महंगाई की मार” तथा “जनविरोधी फैसले वापस लो” जैसे नारों के साथ अपना विरोध दर्ज कराया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कोयला, बिजली उत्पादन के संसाधन और भूमि उपलब्ध होने के बावजूद आम जनता को महंगी बिजली खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश सरकार ने चरणबद्ध तरीके से बिजली दरों में लगभग साढ़े छह प्रतिशत की वृद्धि कर महंगाई की मार झेल रही जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की तथाकथित डबल इंजन सरकार आम जनता को राहत देने में पूरी तरह विफल रही है। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बाद अब बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि कर प्रदेशवासियों की परेशानियां और बढ़ा दी गई हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिजली आज केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि आम नागरिकों के दैनिक जीवन की अनिवार्य आवश्यकता है। ऐसे समय में बिजली दरों में वृद्धि करना गरीबों, किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, छोटे व्यापारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों के हितों पर सीधा आघात है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार बिजली दरों में वृद्धि कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेशभर में जारी अघोषित बिजली कटौती से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, छोटे उद्योग-धंधे संकट में हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को घंटों अंधेरे में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा ने सस्ती बिजली, बेहतर सुविधाएं और सुशासन का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार अपने वादों से पीछे हट गई है। यदि बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस नहीं लिया गया और अघोषित बिजली कटौती बंद नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ मिलकर प्रदेशव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
- कांग्रेस की प्रमुख मांगें:
- घरेलू उपभोक्ताओं पर बढ़ाया गया बिजली शुल्क तत्काल वापस लिया जाए।
- प्रदेशभर में अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए।
- किसानों को सिंचाई हेतु निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- गरीब, मजदूर, छोटे व्यापारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
कार्यक्रम को जिला कांग्रेस पदाधिकारियों रमेश पैगवार, विवेक सिंह सिसोदिया, भगवानदास गढ़वाल, अजीत सिंह राणा, गिरधारी यादव, रविंद्र शर्मा सहित ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रामविलास राठौर, सुनील साधवानी, गौरव सिंह, रविंद्र शर्मा, बबला महाराज और नवल सिंह,जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष पंकज शुक्ला ने संबोधित किया।
महिला कांग्रेस की ओर से ज्योति किशन कश्यप एवं मनोरमा पाटेकर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष रफीक सिद्दीकी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कांग्रेस सेवा दल के जिला संगठक मंत्री देव कुमार पांडे ने किया।
इस विरोध प्रदर्शन में सुखराम गरेवाल, पार्षदगण विष्णु यादव, अरमान खान, अक्षय टेकाम, रवि सूर्यवंशी,संदीप साहू,अनिल वर्मा, जितेंद्र वर्मा,नेहा केसरवानी,मनोज तिवारी, सुशांत सिंह, शाश्वत धरदीवान, गौतम राठौर, हरीश पांडेय, अंजली देवांगन, ललित देवांगन, पुरुषोत्तम देवांगन, दुर्गा कुर्रे, तमेंद्र देवांगन, कविता देवांगन, केशव सोनी, अनिल बनकर, अमन अग्रवाल, महेंद्र कश्यप, अरमान खान, आकाश तिवारी, किशोर साव, अनिल राठौर, सुधांशु तिवारी, अनिल चौरसिया, छतराम साहू, छतराम कहरा, राजा सिद्दकी, अक्षय टेकाम, जफर खान, बलबीर सिंग, मनोरमा पाटकर, योगेंद्र राठौर, राकेश जोशी, जीवन बंजारे, सानिया जांगड़े, रवि राठौर, किरण यादव, बसंत अग्रवाल, असीम खान, महमूद खान, जितेन्द्र दिनकर,शांति कुमार साहू,हर्ष शुक्ला, सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न प्रकोष्ठों के नेता, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।



