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बलरामपुर में 40 साल पुराना बांध टूटा, 4 की मौत, 3 लापता, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप…

 

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले लगातार बारिश हो रही है जिससे नदी नाले उफान पर है, लगातार हो रही बारिश के कारण करीब 4 से 5 दशक पुराना लूती बांध मंगलवार की देर रात अचानक टूट गया, जिससे निचले इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए, बांध को तोड़ते हुए पानी अपने साथ दो मकान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया और दोनों घर में सो रहे सात लोग पानी में बह गए। हादसे में अब तक चार लोगों के शव बरामद हो चुके है, जबकि तीन लापता है, हादसे में कई मवेशियों की भी मौत हुई है।

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत विश्रामनगर में बीती रात करीब 40 वर्ष पुराना लूती बांध बीते देर रात अचानक टूट गया। बांध के टूटने से देर रात गांव में भारी तबाही मच गई। इस हादसे में कई लोग लापता हो गए, ग्रामीणों की सूचना पर तुरंत जिला पुलिस, प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गई है।

अब तक चार लोगों के शव बरामद, तीन लापता..

बलरामपुर में बांध के टूटने से के नाम से निचले इलाके में रह रहे सात लोग बह गए, जिसमें एक ही परिवार छह लोग शामिल है। पुलिस और एनडीआरएफ की टीम देर रात दो शव को बरामद किया था। और आज बुधवार की सुबह दो और शव बरामद किए गए है। मृतकों में बतसईया (62 वर्ष महिला), चिंता (35 वर्ष महिला), रजंति (25 वर्ष महिला) और एक नाबालिग बच्चा शामिल है। पुलिस के अनुसार हादसे में चार लोगों के शव अब तक बरामद किए जा चुके है जबकि तीन और लापता बताए जा रहे है। वही ग्रामीणों का कहना है कि ये बांध लगभग 50 साल से ज्यादा पुराना बांध है जो कि लगभग तीन साल से ये बांध पानी लीकेज कर रहा है समय रहते अगर जिला प्रशासन इसको सही कर लेता तो आज ये गांव में इतनाबड़ा हादसा नहीं होता.

 

 

बांध हादसे पर पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह ने लगाया आरोप…

रामानुजगंज विधानसभा के पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह ने प्रशासन पर आरोप लगाया और कहा यह हादसा बांध प्रबंधक और प्रशासन के द्वारा देख रेख न करने के कारण हुआ है। अगर समय पर बांध का मरम्मत होता तो बांध नहीं टूटता और यह दुखद हादसा नहीं होता। उन्होंने कहा कि, बांध में करीब 03 वर्ष से भी अधिक समय से पानी सीपेज हो रहा था। अगर बांध को मरम्मत कर सीपेज बंद कर दिया जाता तो आज यह दुखद हादसा नहीं होता। प्रशासन और बांध प्रबंधक की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है।

बता दे कि जब से यह बांध बना था तब से लोगों को खेती करने में आसानी होता था। इससे वॉटरलेवल भी ऊपर हो गया था। नलकूप से आसानी से पानी निकल जाता था। रबी और खरीफ फसल की पैदावार भी अच्छे से हो रही थी। बांध से किसान खुशहाल जीवन जी रहे थे। पीड़ितों को मुआवजा और उन्हें फिर विस्थापित किया जाए।

 

Lakheshwar Yadav

Office Add. - Link Road, Angel Sports Complex Janjgir, 495668 Mob.9755932150

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